शाह ने कहा भाजपा जो भी करे, भले ही वह सही क्यों न हो, मगर कांग्रेसियों ने ठान रखी है कि उसका विरोध करना ही करना है। हम दिन कहेंगे तो कांग्रेसी उसे रात कहेंगे, हम उजाला कहेंगे, तो कांग्रेसी उसे अंधेरा कहेंगे।
शाह ने कहा कि कम से कम देशहित के मसलों पर तो दलगत राजनीति छोड़कर सभी को एक होना चाहिए। शाह ने नरसिम्हा राव और इंदिरा गांधी सरकार का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा इन सरकारों की अच्छी पहल व कार्यों का समर्थन किया है।
जवानों के सिर काट ले जाते थे पाकिस्तानी, दिल्ली उफ नहीं करती थी
गृहमंत्री ने कहा कि देश ने वह दौर भी देखा है जब हमारी सेना के वीर जवानों के सिर पाक सेना के जवान काटकर ले जाते थे और दिल्ली उफ तक नहीं करती थी। आज नया भारत है, पाकिस्तान ने उरी और पुलवामा अटैक किया और हमने उसका जवाब पाक सीमा में घुसकर एयर व सर्जिकल स्ट्राइक से दिया, आज इसका रोना पाकिस्तान दुनियाभर में रो रहा है। इसी के बदौलत आज दुनिया ने भारत को देखने का नजरिया बदल लिया है।
यह ‘मौनी’ नहीं मोदी की सरकार है
गृहमंत्री ने मंच से पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर भी हमलावर हुए। शाह ने कहा कि यह ‘मौनी बाबा’ की नहीं मोदी की सरकार है। शाह ने कहा विपक्ष हल्ला मचाता है कि मोदी विदेश में खूब घूमते हैं, लेकिन जब हमने विदेश यात्रा के आंकड़े खंगाले तो मालूम हुआ कि मोदी से ज्यादा मनमोहन विदेश घूमे हैं। फर्क इतना था कि मनमोहन के विदेश दौरे ऐसे होते थे कि उन्हें विदेश जाकर सिर्फ सोनिया मैडम द्वारा लिखे दो पन्ने पढ़कर लौटना होता था।
कई बार तो ऐसा हो जाता था कि मनमोहन सिंह को जो पन्ना मलेशिया में पढ़ना होता था, उसे वे थाईलैंड में और जो थाईलैंड में पढ़ना होता था उसे मलेशिया में पढ़ आते थे। लेकिन आज यदि दुनिया में भी मोदी-मोदी होती है, तो यह उन सवा सौ करोड़ भारतीयों की ताकत है, जिसे लेकर मोदी विदेश जाते हैं।
शस्त्र पूजन देश की संस्कृति, कांग्रेसियों को तकलीफ क्यों
अमित शाह ने विजयदशमी के दिन भारत को लड़ाकू राफेल विमान मिलने पर पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को देशवासियों की ओर से बधाई दी और कहा कि ऐसा पल जिसने देशवासियों को गौरवान्वित कर दिया, उस पल से कांग्रेसी बहुत तकलीफ में हैं।
शाह ने कहा कि विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजन देश की संस्कृति है और इसी का पालन करते हुए राजनाथ सिंह ने फ्रांस की जमीन पर राफेल का शस्त्र पूजन किया, तो यहां कांग्रेसियों को तकलीफ हो गई।