हरियाणा में भाजपा को दोबारा सत्तासीन करने और विपक्षियों को चारों खाने चित्त करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार को यहां भविष्य का रोडमैप पेश करने के साथ ही सीएम ने विपक्ष पर चुन-चुनकर वार किए। उन्होंने बेरोजगारी को लेकर हो-हल्ला कर रहे विपक्ष को आंकड़ों के साथ आइना दिखाया है। सीएम ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी संकेत दे दिए कि विपक्ष के दुष्प्रचार का जवाब सटीक तथ्यों के साथ दिया जाएगा। बकौल सीएम, विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं में वास्तविकता के ज्ञान का अभाव है, वे हकीकत से कोसों दूर हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने कार्यकाल के दौरान दी नौकरियों पर रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की ऐसी स्थिति नहीं है, जैसा विपक्ष माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बेरोजगारी कोई मुद्दा ही नहीं है। हरियाणा कर्मचारी चयन ने पांच वर्षों में 70 हजार युवाओं को नौकरी दी है। हरियाणा लोकसेवा आयोग ने इस अवधि में 3 हजार युवाओं को क्लास-टू और क्लास-1 के पदों पर नियुक्त किया। प्राइवेट फैक्ट्रियों व उद्योगों में राज्य के 5 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उनके कार्यकाल में राज्य में छोटे और बड़े 58 हजार नए उद्योग लगे हैं।
युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के लिए शुरू की गई ‘सक्षम युवा’ योजना के तहत 97 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। इनमें से 82 हजार युवाओं को 100 घंटे काम के बदले रोजगार दिया गया। अब भी 42 हजार युवा इस योजना के तहत काम कर रहे हैं। सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को 100 घंटे काम के बदले 9000 और ग्रेजुएट युवाओं को 7500 रुपये मासिक वेतनमान देना तय किया है। इसका लाभ युवाओं को केवल तीन वर्षों के लिए मिलेगा। इस अवधि में वे अपने लिए स्थायी रोजगार का प्रबंध कर सकते हैं। 82 हजार में से 40 हजार युवा विभिन्न प्रकार की नौकरियों में एडजस्ट हो चुके हैं।
पांच साल में 434 रोजगार मेले
सीएम ने बताया कि पांच वर्षों में सरकार ने 434 रोजगार मेलों का आयोजन किया। इनके जरिये 82 हजार 600 युवाओं को रोजगार हासिल हुआ। सरकारी रिकार्ड के अनुसार प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या 80 हजार के करीब है। दसवीं और बारहवीं पास युवाओं का आंकड़ा बेशक ज्यादा हो सकता है। इन्हें भी सक्षम बनाने के कोर्स कॉलेजों में शुरू किए हैं। स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम से 17 हजार युवाओं को रोजगार दिया है। परिवार पहचान पत्र बनने पर हर व्यक्ति तक पहुंच होगी और युवाओं को योग्यता अनुसार रोजगार मुहैया कराएंगे।
हरियाणा की आर्थिक स्थिति मजबूत
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के आर्थिक रूप से मजबूत होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आर्थिक व सामाजिक मजबूती के लिए पिछले एक माह में लिए गए फैसलों का लाभ हरियाणा वासियों को मिलेगा। कुछ समय के अंतराल के बाद कई देशों में आर्थिक मंदी का असर देखने को मिलता है। पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्था का असर भारत में दिखाई दिया है, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रयासों से देश आर्थिक मंदी से उभर रहा है।
स्टार्ट अप के लिए शुरू की गई योजनाओं को देश के विकास में मील का पत्थर करार देते हुए मनोहर लाल ने कहा कि नई कंपनियों के लिए कारपोरेट टैक्स 15 प्रतिशत किया गया है। जिससे स्टार्टअप को लाभ मिलेगा।
अन्य राज्यों के मुकाबले हरियाणा अग्रणी
सीएम ने कहा कि हरियाणा देश के अन्य राज्यों के मुकाबले अग्रणी राज्य है। वर्ष 2018-2019 में देश की जीडीपी जहां 6.8 थी, वहीं हरियाणा की जीडीपी 8.2 रही है। इसी तरह कृषि क्षेत्र में भारत की जीडीपी 2.9 तो हरियाणा की 5.9, औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भारत की दर 6.9 तथा हरियाणा की दर 8.6 रही है। इसके अलावा सर्विस सेक्टर में भारत की दर जहां 7.5 रही है, वहीं हरियाणा की यह दर 8.2 रही है।
पांच सालों में 80 हजार करोड़ का पूंजी निवेश
पिछले पांच वर्षों के भीतर 80 हजार करोड़ का पूंजी निवेश हो चुका है। प्रत्येक एमओयू के साथ रिलेशन मैनेजर काम कर रहे हैं। उद्योग स्थापित करने में आ रही कठिनाईयों को दूर किया जा रहा है। इज ऑफ डुइंग बिजनेस के मामले में हरियाणा वर्ष 2014 में जहां उत्तरी भारत में 14वें स्थान पर था, वहीं अब यह पहले स्थान पर आ चुका है।
हरियाणा ने सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देते हुए बजट छह हजार करोड़ तक बढ़ाया है। पेंशन के क्षेत्र में हरियाणा में जहां वर्ष 2009 से 2014 तक 19 प्रतिशत की वृद्धि की गई, वहीं वर्ष 2014-2019 तक की अवधि के दौरान इसमें 252 प्रतिशत हुई वृद्धि हुई है।