इस बार 75 पार के नारे के साथ चुनावी मैदान जीतने उतरी भाजपा ने युवाओं से ज्यादा अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं पर ज्यादा भरोसा जताया है। सभी 90 प्रत्याशियों की उम्र का औसत करीब 51.7 है जबकि 31 ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो अभी 50 पार नहीं हुए हैं। इसी तरह कांग्रेस के प्रत्याशियों की उम्र का औसत सबसे ज्यादा 55.2 है जबकि इनेलो युवा उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतरी है।
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इनेलो इस बार 83 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिसमें इनके प्रत्याशियों की उम्र का औसत करीब 47.3 है। इसके अलावा जजपा उम्मीदवारों का औसत इनेलो से थोड़ा ज्यादा 49.30 है। इससे हम कह सकते हैं कि भले ही राजनीति में युवाओं को आगे लाने के लिए सभी पार्टियां बड़े दावे करतीं हैं लेकिन जब टिकट देने की बात आती है तो सब अपने जीतने वाले और अनुभवी लोगों पर ज्यादा भरोसा जताते हैं।
कांग्रेस ने सिर्फ 26 प्रत्याशी 50 साल से कम उम्र के मैदान में उतारे हैं तो इनेलो ने सबसे ज्यादा 46 प्रत्याशी 50 साल से कम उम्र के मैदान में उतारे हैं। वहीं जजपा ने 50 फीसदी के करीब उम्मीदवार युवा उतारे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने युवाओं से ज्यादा बुजुर्ग उम्मीदवारों को तवज्जो दी है।
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सबसे उम्रदराज सतपाल सांगवान जजपा से
इस बार चुनाव में जजपा की ओर से नारनौंद से प्रत्याशी सतपाल सांगवान (77 साल) सबसे उम्रदराज है वहीं रोहतक से पुनीत (25 साल) और नांगल चौधरी स सुमन देवी (25 साल) सबसे युवा प्रत्याशी भी इनेलो ने मैदान में उतारे हैं। वहीं इनेलो ने 8 और जजपा ने 2 प्रत्याशी ऐसे भी चुनाव मैदान में उतारे हैं जो अभी 30 की दहलीज भी नहीं छू पाए हैं।
वहीं भाजपा में दो और कांग्रेस में सिर्फ 1 प्रत्याशी 30 साल से कम का है। 30 से 40 साल के प्रत्याशियों में भी इनेलो ने सबसे ज्यादा 19 प्रत्याशी, भाजपा ने 14 और कांग्रेस ने सिर्फ 8 प्रत्याशियों को मौका दिया है। 40 से 50 साल के प्रत्याशियों में तीनों प्रमुख पार्टियों ने लगभग समान प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं, इनमें भाजपा ने 19, कांग्रेस ने 18 और इनेलो ने 18 को कमान सौंपी है।
50 साल से ज्यादा के 236 अनुभवी मैदान में
50 से ज्यादा के प्रत्याशियों में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 63, दूसरे नंबर पर भाजपा ने 55, तीसरे नंबर पर जजपा ने 41 और इनेलो ने 37 अनुभवी और बुजुर्ग नेता मैदान मे उतारे हैं। जजपा में दादरी से रामकुमार गौतम (73 साल) और सतपाल सांगवान 77 सबसे उम्रदराज है।
भाजपा ने 70 से ज्यादा उम्र वालों में पंचकूला से ज्ञानचंद गुप्ता (71 साल), महेंद्रगढ़ से रामबिलास शर्मा (71 साल) तो कांग्रेस ने गुहला से दिल्लु राम बाजीगर (72 साल), पानीपत ग्रामीण से ओपी जैन, बड़ौदा से कृष्ण हुड्डा, सिरसा से होशियारी लाल शर्मा (72 साल), बाढ़ड़ा से रणबीर महेंद्रा (75 साल), गढ़ी सांपला से भूपेंद्र हुड्डा (72 साल), बेरी से रघुबीर कादियान (75 साल) को टिकट दिया है।
उम्र के लिहाज से भाजपा से 4 साल और कांग्रेस से साढे़ 7 साल युवा है इनेलो
प्रदेश की 90 सीटों के लिए ताल ठोक रहे प्रत्याशियों में भाजपा और कांग्रेस के मुकाबले इनेलो प्रत्याशी सबसे युवा हैं। भाजपा प्रत्याशी करीब 4 साल और कांग्रेस के प्रत्याशी करीब साढे़ 7 साल इनेलो से उम्र में ज्यादा है। भाजपा प्रत्याशियों की उम्र का औसत करीब 51.7 जबकि कांग्रेस का औसत करीब 55.2 है। वहीं इनेलो का औसत सबसे कम 47.63 है।
पुनीत का रोहतक में दिग्गजों से मुकाबला
रोहतक से इनेलो की टिकट लेकर मैदान में उतरे पुनीत की उम्र सिर्फ 25 साल है। ये पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं जबकि इनका मुकाबला उम्र में 40 साल बड़े भाजपा के मनीष ग्रोवर और 42 साल बड़े कांग्रेस के बीबी बत्रा से है। मनीष ग्रोवर पांचवीं बार और बीबी बत्रा तीसरी बार चुनावी मैदान में है। ग्रोवर 3 बार हार के बाद चौथी बार जीते वहीं बीबी बत्रा एक बार हारे और एक बबार जीते अब तीसरी बार मैदान में हैं। ऐसे में उम्र और अनुभव में ज्यादा वाले इन दिग्गजों से पार पाना पुनीत के लिए टेढी खीर होगी।
हालांकि वे अपनी जीत को लेकर आश्वासत है और लगातार मेहनत कर रहे हैं। इसी तरह नांगल चौधरी में 25 साल की सुमन देवी का मुकाबला 39 साल बड़े भाजपा के डॉ. अभय यादव और 12 साल बड़े कांग्रेस के राजाराम गोलवा से है। रतिया से 25 वर्षीय मंजू बाला भी जजपा का टिकट लेकर चुनाव मैदान में उतरी है। पहली बार चुनाव लड़ने उतरी मंजू बाला का मुकाबला भाजपा के लक्ष्मण नापा (52 साल)और कांग्रेस के जरनैल सिंह (58 साल) जैसे दिग्गजों से हैं। हालांकि इनेलो ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है।