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हरियाणा विस चुनावः आरटीआई में खुलासा- माननीयों पर बकाया विधानसभा का लाखों रुपये का कर्ज

Mon, 23 Sep 2019 12:02 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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हरियाणा के माननीय प्रदेश विधानसभा के लाखों रुपये के देनदार हैं। पूर्व सीएम, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, मंत्रियों, विधायकों व पूर्व विधायकों को विधानसभा का करोड़ों रुपये का कर्ज चुकाना है। 13वीं विधानसभा के अनेक सदस्य व पूर्व सदस्यों पर भी लाखों रुपये बकाया हैं। वर्तमान विधानसभा की अवधि 2 नवंबर को खत्म हो जाएगी।
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14वीं विधानसभा का कार्यकाल चुनाव के बाद गठित नई सरकार के शपथ लेते ही शुरू हो जाएगा। विधानसभा कर्ज के भले ही विधायकों, पूर्व विधायकों को लाखों रुपये चुकाने हों, लेकिन कार्यकाल खत्म होने के बाद तय होने वाली पेंशन व महंगाई भत्ते पर उसका कोई असर नहीं पड़ता। पेंशन पूरी ही लगती है।

विधायक, पूर्व विधायक चुनकर दोबारा विधानसभा नहीं आते हैं तो वे अपनी पेंशन से कर्ज की बकाया राशि का भुगतान कर सकते हैं। माननीयों को जो करोड़ों रुपये विधानसभा के चुकाने हैं, वे राशि उन्होंने विधायक बनने पर नया वाहन, घर इत्यादि खरीदने, घर की मरम्मत के लिए ली हुई है। अनेक विधायकों ने दो-दो बार भी कर्ज लिया हुआ है, जिसे भी भरते आ रहे हैं, तो कुछ पूर्व विधायकों के नाम मोटी बकाया राशि देने के लिए खड़ी हो चुकी है।
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देनदारों में चंद माह पहले इस्तीफा देने वाले विधायक भी

विधानसभा के देनदारों में चंद माह पहले विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके विधायक भी शामिल हैं। एडवोकेट हेमंत ने बताया कि दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित किए गए कुछ विधायकों को भी विधानसभा का कर्ज अभी चुकाना है। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में वर्तमान में 68 विधायक ही रह गए हैं, चूंकि 10 इनेलो विधायक भाजपा में शामिल होने के कारण अपनी विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र दे चुके हैं, चार विधायकों को स्पीकर ने अयोग्य घोषित कर दिया है।

इनेलो के पिहोवा से विधायक जसविंदर संधू का इस वर्ष जनवरी में निधन हो गया था। जींद से विधायक हरिचंद मिड्ढा की गत वर्ष मृत्यु हो गई थी। इन दोनों पूर्व विधायकों के नाम पर भी ऋण भुगतान लंबित है। चार निर्दलीय विधायक त्यागपत्र देकर भाजपा व पांचवें निर्दलयी विधायक जयप्रकाश कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। जयप्रकाश ने अभी विधायक पद से त्याग पत्र नहीं दिया है, उन्हें भी ऋण का भुगतान करना है।

अगस्त महीने तक किस पर कितना बकाया

नाम             पद          बकाया ऋण       
कंवर पाल     स्पीकर       39 लाख 60 हजार रुपये
संतोष यादव   डिप्टी स्पीकर 33 लाख 60 हजार  रुपये
सुभाष बराला  विधायक     25 लाख 80  हजार रुपये   
नायब सैनी   पूर्व मंत्री व सांसद 54 लाख 80 हजार रुपये
अनिल विज  मंत्री           14 लाख रुपये
कृष्ण मिड्ढा   विधायक      17 लाख 89 हजार रुपये
भूपेंद्र सिंह हुड्डा पूर्व सीएम  13 लाख 40 हजार रुपये
गीता भुक्कल    विधायक    14 लाख 80 हजार रुपये
ललित नगर   विधायक     49 लाख 50  हजार रुपये
दिनेश कौशिक पूर्व विधायक  47 लाख 40  हजार रुपये
रहीश खान   पर्व विधायक   35 लाख 40 हजार रुपये
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एडवोकेट हेमंत कुमार ने आरटीआई से ली जानकारी

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बीते 19 अगस्त को हरियाणा विधानसभा सचिवालय से यह जानकारी हासिल करने के लिए आरटीआई दायर की थी। इसमें उन्होंने मौजूदा विधानसभा के सभी सदस्यों एवं पूर्व सदस्यों के सभी प्रकार के कर्ज के रूप में ली गई धनराशि और अदायगी का पूरा ब्योरा मांगा था। विधानसभा सचिवालय ने अगस्त, 2019 के अंत तक में उन्हें विधायकों, पूर्व विधायकों के ऋण संबंधी जानकारी मुहैया कराई है।

चार प्रतिशत ब्याज दर पर मिलता है कर्ज
विधानसभा से मंत्रियों, विधायकों को 4 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलता है। मंत्री या विधायक को 60 लाख रुपये गृह निर्माण ऋण, 10 लाख रुपये गृह मरम्मत ऋण, 20 लाख रुपये नया  वाहन खरीदने के लिए ऋण दिया जाता है। यह अधिकतम राशि है, अगर वास्तविक खर्च इस राशि से कम होता है, तो पूरी राशि की बजाए वास्तविक लागत ही प्रदान की जाती है। विधानसभा पहले लिए गए कर्ज की पहले मूल धनराशि और फिर उस पर लगने वाले ब्याज को वसूलती है।
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