हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। तंवर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर कुछ लोगों की वजह से पार्टी अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे त्यागपत्र में तंवर ने कहा, कई महीनों के सोच विचार के बाद मैं पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। पार्टी को मैंने अपने खून पसीने से सींचा है। मेरी किसी से निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि उस सिस्टम से है जो देश की सबसे पुरानी पार्टी को खत्म कर रही है।
इस्तीफे के बाद तंवर ने कहा, मेरे सामने पार्टी छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। मौजूदा समय में कांग्रेस राजनीतिक विरोधियों की वजह से नहीं, बल्कि आपसी अंतर्विरोध के चलते अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। जमीन से उठे और किसी बड़े परिवार से ताल्लुक न रखने वाले मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। पार्टी में पैसे, ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने की रणनीति काम कर रही है। हाल ही में पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाने वाले तंवर ने सोनिया गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था।
तंवर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के करीबियों को पार्टी में किनारे लगाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। तंवर ने कहा, पिछले पांच साल में कांग्रेस के खिलाफ साजिश कर उसे मारने वाले कौन थे, आपके सामने है। बचाने का काम मैंने और मेरे साथियों ने किया। कुछ लोगों की राजनीतिक हत्या कर दी गई, कुछ की होनी बाकी है। जिनकी हो चुकी है, उसमें मैं भी हूं। उसमें संजय निरुपम भी हो सकते हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही संजय निरुपम ने भी राहुल के करीबियों की अनदेखी का आरोप लगाया था।