हरियाणा में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक निपटें, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है। प्रदेश भर में सुरक्षा बलों की 130 कंपनियों समेत 75 हजार जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। हरियाणा पुलिस महानिदेशक मनोज यादव के अनुसार आम चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने के लिए सुरक्षा के सभी व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं।
उनके अनुसार इस बार चुनाव से पहले पड़ोसी राज्यों द्वारा अंतर्राज्यीय सीमाओं को सील करने के लिए अपने एरिया में अधिकतम पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। 75,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी रेंज एडीजीपी, आईजी, पुलिस आयुक्त और जिला एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने एरिया में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई कसर न छोड़ें। सभी राजनीतिक दलों द्वारा किए जा रहे चुनावी प्रचार के बावजूद, प्रदेश में हिंसा या कानून व्यवस्था से संबंधित कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
डीजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार से चुनावी प्रक्र्तिया को बाधित करने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि चुनाव के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 130 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, कड़ी चैकसी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस के 26,896 जवान, 22,806 होमगार्ड, 7,936 विशेष पुलिस अधिकारी और 6,001 पुलिस टेऊनिज को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है।
पुलिस द्वारा मतदान से पहले व मतदान के दिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को रोकने व अवैध वस्तुओं के इस्तेमाल पर भी पैनी नजर रखी जाएगी।
फील्ड में रहेंगे 21 सीनियर पुलिस अधिकारी
21 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है। चुनाव में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन विशेषकर नकदी, शराब व प्रलोभन की अन्य वस्तुओं के वितरण को रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और निगरानी टीमों द्वारा चैकिंग तेज कर दी गई है।
पुलिस बलों द्वारा फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है ताकि वे मतदान के दिन भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। मतदान के दिन डीजीपी स्वयं सुबह 6 बजे से पुलिस मुख्यालय से पूरी सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय और निगरानी करेगें।