लोकसभा चुनाव की तर्ज पर राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी चाल चली है। इस मुद्दे पर लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को दलित वोट बैंक का साथ मिला था।
लोकसभा चुनाव की तर्ज पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने संविधान बचाओ का पासा फेंक दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने असंध और बरवाला से संविधान बचाओ का नारा दिया है।
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा चुनाव में पहली बार प्रचार के लिए आए राहुल ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी मंशा संविधान खत्म करने की है, लेकिन हम बाबा साहेब के संविधान को छूने भी नहीं देंगे।
लोकसभा चुनाव में संविधान बचाओ का मुद्दा हरियाणा में खूब चला था। खासकर दलित वोट बैंक संविधान बदलने की आशंका के चलते भाजपा से छिटककर कांग्रेस के पाले में आ गया था।
विज्ञापन
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हरियाणा की दो आरक्षित लोकसभा सीटें कांग्रेस के खाते में आईं, जबकि तीन अन्य सीटों पर भी दलित वोट ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया।
अब हरियाणा में प्रचार के पहले दिन ही राहुल गांधी संविधान को लेकर भाजपा पर हमलावर हो गए। रणनीति के तहत कांग्रेस फिर इसे मुद्दा बनाने की फिराक में है, ताकि अनुसूचित जाति वर्ग को साधा जा सके।
आरक्षण पर बोलने से बचते नजर आए राहुल गांधी
असंध और बरवाला की दोनों रैलियों में राहुल गांधी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला, लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर बोलने से बचते नजर आए। भाजपा लगातार राहुल गांधी के अमेरिका में दिए बयान को हथियार बना रही है और आरोप लगा रही है कि अगर कांग्रेस आई तो वह आरक्षण को खत्म कर देगी। भाजपा हाईकमान इसी मुद्दे को लेकर हमलावर है, लेकिन इसकी काट में कांग्रेस ने संविधान का मुद्दा छेड़ दिया है।
लंबे अरसे के बाद एक मंच पर दिखे कांग्रेसी, राहुल ने दिया एकजुटता का संदेश
खेमों में बंटी हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज नेता असंध में राहुल गांधी की रैली में एकजुट दिखे। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कुमारी सैलजा, चौधरी बीरेंद्र सिंह और उदयभान लंबे अरसे के बाद एक मंच पर दिखे। सभी नेताओं ने एक दूसरे को मान के सम्मान के तौर पर अपने संबोधन में उनके नाम भी लिए।
खास बात ये रही कुछ दिनों से प्रचार से दूर सैलजा और राहुल गांधी के बीच रैली के दौरान पांच मिनट तक बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि राहुल ने सभी नेताओं को एकजुट होकर प्रचार में उतरने को कहा है। हालांकि रणदीप सुरजेवाला असंध और बरवाला रैली में कहीं नहीं दिखे। वहीं, बरवाला में सैलजा नहीं पहुंचीं।
जनवरी 2023 में हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सभी कांग्रेस पानीपत में एकजुट हुए थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव हुए, लेकिन कांग्रेस एकजुट नहीं हो पाए। पूर्व सीएम हुड्डा ने लोकसभा चुनाव में सैलजा के गढ़ सिरसा से दूरी बनाकर रखी और यहां पर प्रचार तक नहीं किया।
इसके बाद सीएम पद को लेकर हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला के बीच खींचतान चल रही है। टिकट वितरण को लेकर भी सैलजा सवाल उठा चुकी हैं। वह खुद विधानसभा चुनाव लड़ना चाह रही थीं, लेकिन हाईकमान ने टिकट नहीं दिया।
प्रचार में उतरी कुमारी सैलजा, हुड्डा के समर्थकों के लिए भी मांगेंगी वोट
वीरवार को कुमारी सैलजा ने हरियाणा में प्रचार शुरू कर दिया। सैलजा अपने समर्थकों के साथ हुड्डा समर्थक प्रत्याशियों के लिए भी वोट की अपील करेंगी। वीरवार को असंध के बाद सैलजा ने टोहाना में परमवीर सिंह और हिसार में रामनिवास राड़ा के लिए वोट मांगे। शुक्रवार को सैलजा फतेहाबाद में बलवान दौलतपुरिया, कालांवाली में शीशपाल केहरवाला, डबवाली में अमित सिहाग, सिरसा में गोकुल सेतिया के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित करेंगी।