फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री मांगे राम गुप्ता जेजेपी में शामिल, बिगाड़ सकते हैं कई का समीकरण

Tue, 01 Oct 2019 09:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पूर्व मंत्री मांगेराम गुप्ता जजपा में शामिल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले पूर्व मंत्री मांगेराम गुप्ता परिवार के साथ जजपा में शामिल हो गए। गुप्ता ने जींद विधानसभा क्षेत्र से कुल आठ चुनाव लड़े हैं। जिसमें से चार बार विधायक चुने गए। तीन बार वे मंत्री भी बने। अब मांगेराम गुप्ता अपने बेटे को जींद से जजपा का टिकट दिलाने के लिए पार्टी में शामिल हुए हैं। 

विज्ञापन


मांगेराम गुप्ता सुबह सिरसा पहुंचे और दिग्विजय सिंह चौटाला और नैना के साथ जजपा का झंडा थामा। हालांकि मांगेराम गुप्ता ने कहा कि वह किसी टिकट के लालच में जजपा में शामिल नहीं हुए, बल्कि वह 2014 में हुए लोकसभा चुनाव से दुष्यंत के साथ हैं तथा हर चुनाव में उनकी मदद की है। मांगेराम गुप्ता 1977 में जींद से आजाद उम्मीदवार के रूप में किस्मत आजमाई थी। 

उन्होंने जनता पार्टी के प्रताप सिंह को 6105 वोटों से हराया था। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने 1982 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, मगर लोकदल के बृजमोहन सिंगला से हार गए। 1987 में फिर वह कांग्रेस के टिकट पर लड़े मगर लोकदल के परमानंद से हार गए। 1991 में  मांगेराम ने चुनाव लड़ा और विधायक बने। 
विज्ञापन


2000 व 2005 में मांगेराम गुप्ता फिर कांग्रेस के टिकट पर लड़े और जीते। मांगेराम गुप्ता वित्तमंत्री, शिक्षा एवं परिवहन मंत्री व स्थानीय निकाय मंत्री के पद पर रह चुके हैं। प्रदेशभर में उनकी अच्छी पैठ है। मांगेराम गुप्ता अग्रवाल समाज से संबंध रखते हैं तथा प्रदेशभर के अग्रवाल समाज के जाने-माने नेता हैं। जजपा में शामिल होने से पार्टी को काफी मजबूती मिलेगी। जजपा को जींद में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में मांगेराम गुप्ता का फायदा होगा।

दुष्यंत की विचारधारा से हुए प्रभावित
मांगेराम गुप्ता व उनके बेटे महावीर गुप्ता ने कहा कि उन्होंने किसी लालच में जजपा को नहीं ज्वाइन किया। उन्होंने 2009 के बाद कांग्रेस को अलविदा कह दिया था। उनका संपर्क 2014 में दुष्यंत चौटाला से हुआ था। उस समय उन्होंने दुष्यंत को विश्वास दिलाया था कि वह उनकी मदद करेंगे, लेकिन किसी पार्टी को ज्वाइन नहीं करेंगे। दुष्यंत का उनके साथ परिवार जैसा रिश्ता है। उन्होंने जजपा का सदस्य होने के नाते टिकट का आवेदन जरूर किया है। अब यह फैसला पार्टी को करना है कि वह उन्हें टिकट देगी या नहीं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें