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हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तंवर का इस्तीफा, कहा- 'अपने' ही कर रहे कांग्रेस मुक्त

Sun, 06 Oct 2019 03:09 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
  • अशोक तंवर ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया
  • कांग्रेस के भीतर कुछ लोगों की वजह से पार्टी अस्तित्व के संकट से जूझ रही- तंवर
  • तंवर ने गुलाम नबी आजाद और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला
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अशोक तंवर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। तंवर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर कुछ लोगों की वजह से पार्टी अस्तित्व के संकट से जूझ रही है।
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पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे त्यागपत्र में तंवर ने कहा, कई महीनों के सोच विचार के बाद मैं पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। पार्टी को मैंने अपने खून पसीने से सींचा है। मेरी किसी से निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि उस सिस्टम से है जो देश की सबसे पुरानी पार्टी को खत्म कर रही है।   

इस्तीफे के बाद तंवर ने कहा, मेरे सामने पार्टी छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। मौजूदा समय में कांग्रेस राजनीतिक विरोधियों की वजह से नहीं, बल्कि आपसी अंतर्विरोध के चलते अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। जमीन से उठे और किसी बड़े परिवार से ताल्लुक न रखने वाले मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। पार्टी में पैसे, ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने की रणनीति काम कर रही है। 
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टिकट बेचने का आरोप लगाने वाले तंवर ने छोड़ी कांग्रेस 

हाल ही में पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाने वाले तंवर ने सोनिया गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। तंवर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के करीबियों को पार्टी में किनारे लगाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। 

तंवर ने कहा, पिछले पांच साल में कांग्रेस के खिलाफ साजिश कर उसे मारने वाले कौन थे, आपके सामने है। बचाने का काम मैंने और मेरे साथियों ने किया। कुछ लोगों की राजनीतिक हत्या कर दी गई, कुछ की होनी बाकी है। जिनकी हो चुकी है, उसमें मैं भी हूं। उसमें संजय निरुपम भी हो सकते हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही संजय निरुपम ने भी राहुल के करीबियों की अनदेखी का आरोप लगाया था। 

तंवर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व और विचारधारा से उनकी लड़ाई नहीं है। राज्य के कुछ नेताओं ने मेरे खिलाफ साजिश रची। तीन साल पहले रोहतक में मुझ पर हमला हुआ। मेरी आंख और गर्दन में चोट आई। पार्टी ने सुशील कुमार शिंदे की अगुवाई में जांच कराई, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। दो दिन बाद मैं हमले को लेकर अपने समर्थकों के साथ रोहतक में प्रदर्शन कर अपनी बात रखूंगा। 
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आजाद और हुड्डा पर बोला हमला 

अशोक तंवर ने राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला। तंवर ने कहा कि दोनों नेताओं के साथ सांठगांठ ही टिकट पाने का अहम मानदंड रहा और पांच साल मेहनत करने वाले कार्यकर्ता इससे उपेक्षित रह गए। राज्य के ताकतवर और करोड़ों अरबों के मालिक नेताओं को चुनाव के बाद पता चल जाएगा कि वे कितने बड़े नेता हैं। 

भाजपा से मिला था ऑफर 

तंवर ने कहा कि उन्हें भाजपा में उच्च पद की पेशकश की गई थी, लेकिन फिलहाल वह किसी दल के साथ नहीं जाएंगे। समर्थकों से बात करने के बाद अगली रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि वह राज्य में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनने की कामना करते हैं। 

भाजपा में तंवर के लिए कोई जगह नहीं: खट्टर 

भाजपा से ऑफर मिलने के दावे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, अशोक तंवर को भाजपा में शामिल करने की कोई संभावना नहीं है। सीएम ने तंवर के दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि भाजपा में केवल उन लोगों को शामिल किया जाएगा, जिनका अतीत पूरी तरह बेदाग है। खट्टर ने कहा, कांग्रेस में बिना पैसे के कुछ नहीं होता। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तंवर ने ऐसे आरोप लगाए हैं। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो गई है। अब नेताओं को समझ आ रहा है कि ऐसे दल में उन्हें नहीं रहना चाहिए। कई लोग हमसे संपर्क कर रहे हैं।
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