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विस चुनावः दामन पर दाग तो कैसे बनेंगे सरताज

Tue, 26 Aug 2014 01:41 PM IST
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले सियासत के कई महारथी संकट में हैं। राज्य में पहला ऐसा चुनाव है जिसमें प्रमुख विपक्षी दल इनेलो के सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला की गैर मौजूदगी पार्टी के नेताओं को अखर रही है।
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चौटाला इस समय जेबीटी भर्ती मामले में सजा काट रहे हैं। हालांकि चौटाला के नाम पर ही पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा कांग्रेस के कई अन्य नेताओं का दामन भी साफ नहीं है।

कांग्रेस के मंत्री से लेकर विधायक तक विभिन्न मामलों में आरोपी हैं। इन आरोपियों को अब तक राहत नहीं मिली है। ऐसे में देखना यह है कि पार्टी इन नेताओं पर दोबारा दांव लगाएगी या नहीं। फिलहाल पार्टी के कई नेता कैश फार सीएलयू प्रकरण में आरोपी हैं, जबकि सुखबीर कटारिया फर्जी वोट मामले में आरोपों से घिरे हैं।
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इसके अलावा पूर्व गृह मंत्री गोपाल कांडा को एयरहोस्टेस खुदकुशी प्रकरण में अब तक क्लीन चिट नहीं मिली है। कंबोपुरा सरपंच आत्महत्या प्रकरण में फंसे पूर्व मंत्री ओपी जैन और जिले राम शर्मा भी अभी जमानत पर बाहर हैं।

जेबीटी भर्ती मामले में चौटाला और अजय जेल में

इनेलो के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला इस समय जेबीटी भर्ती मामले में सजा काट रहे हैं। फिलहाल इस मामले में फैसला हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा है। हाईकोर्ट से राहत मिलने पर ओम प्रकाश चौटाला मैदान में नजर आएंगे। उनके अगले कदम का हरियाणा के लोगों को बेसब्री से इंतजार है।

इसी प्रकरण में ओम प्रकाश चौटाला के पुत्र और डबवाली से विधायक अजय चौटाला भी जेल में हैं। इनेलेा की राजनीति में अहम कद रखने वाले पिता पुत्र दोनों का पार्टी में विशेष स्थान हैं। खासकर उनके कट्टर समर्थकों को दोनों के बाहर आने का इंतजार है।

शेर सिंह बड़शामी:
जेबीटी भर्ती प्रकरण में ही लाडवा से विधायक शेर सिंह बड़शामी भी सजा काट रहे हैं। इंडियन नेशनल लोकदल में बड़शामी की अच्छी हैसियत है। राहत मिलती है तो वे भी चुनाव मैदान में दिख सकते हैं।

कांडा को नहीं मिली क्लीन चिट

एयरहोस्टस आत्महत्या प्रकरण में कांडा कई दिन जेल की सलाखों के पीछे काट चुके है। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने हरियाणा लोकहित पार्टी के नाम से पार्टी बनाई है।

कुछ प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। अपने चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है। पिछली बार वे सिरसा से चुनाव लड़कर हरियाणा सरकार में गृह मंत्री बने थे।

गुर्जर पर हत्या के लिए उकसाने का आरोप
नारायणगढ़ से विधायक और हरियाणा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव राम किशन गुर्जर पर एक पत्रकार की हत्या मामले में उकसाने के आरोप हैं। फिलहाल उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिली है। वे इस बार भी नारायणगढ़ से टिकट के दावेदार हैं।

कंबोपुरा सरपंच प्रकरण में जैन और जिलेराम घिरे

कंबोपुरा सरपंच आत्महत्या प्रकरण में नाम आने के बाद सरकार में परिवहन मंत्री रहे ओम प्रकाश जैन को कुर्सी गंवानी पड़ी। वे निर्दलीय लड़कर जीते थे और इस बार भी चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।

इसी मामले में मुख्य संसदीय सचिव जिलेराम शर्मा भी जमानत पर हैं। इस बार भी वे असंध से टिकट की दावेदारी जता रहे हैं। देखना यह है कि कांग्रेस उन्हें टिकट देती है या नहीं।

कटारिया पर फर्जी वोट बनवाने का आरोप
हरियाणा सरकार में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री सुखबीर कटारिया पर फर्जी वोट बनवाने का आरोप है। कटारिया निर्दलीय चुनाव लड़कर सरकार में शामिल हुए थे।
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सीडी कांड में भी फंसे हैं विधायक और मंत्री

कैश फार सीएलयू प्रकरण में हरियाणा के विधायक और मंत्री अभी आरोपों से बाहर नहीं आए हैं। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह, मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी, उकलाना से विधायक नरेश सेलवाल, हांसी से विधायक विनोद भयाना, बरवाला विधायक रामनिवास घोड़ेला और रतिया विधायक जरनैल सिंह का नाम शामिल हैं। इन नेताओं को अभी राहत नहीं मिली है। आगामी तीन सितंबर को इस मामले में लोकायुक्त पास सुनवाई होनी है।
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