हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री
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हरियाणा ने आनुपातिक बंटवारे के अनुसार पंजाब से विधानसभा में अपना शेष हिस्सा मांगा है। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने शुक्रवार को पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष राणा कंवर पाल सिंह से चंडीगढ़ में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान गुप्ता ने कंवर पाल सिंह से कहा कि 17 अक्टूबर 1966 को विधानसभा भवन का जो अनुपातिक बंटवारा हुआ था, उसके अनुसार हरियाणा को कुछ और कक्ष दिए जाने थे। ये कक्ष अभी भी पंजाब के नियंत्रण में हैं।
हरियाणा के हिस्से के वे कक्ष अब हरियाणा को दिए जाएं। इस पर राणा ने सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया है। विधानसभा में बंटवारे अनुसार पूरा हिस्सा न मिलने पर हरियाणा का ई-विधान प्रोजेक्ट लटका हुआ है। विधानसभा को ऑनलाइन नहीं किया जा रहा, चूंकि हरियाणा के पास पर्याप्त कक्ष मौजूद नहीं हैं। हरियाणा ने ई-विधान प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा का दौरा भी कर लिया है, लेकिन पंजाब के शेष कक्षों को न देने से बात आगे नहीं बढ़ पा रही।
विधानसभा के ऑनलाइन होने से कागजी कार्यवाही पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। विधायकों व पत्रकारों के लिए सीट के सामने टैब लगेंगे, जिन पर कार्यवाही फ्लैश होगी। टैब को अपने हिसाब से ऑपरेट भी किया जा सकता है। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने के मद्देनजर भी अपना शेष हिस्सा मांगा है। अब पंजाब के निर्णय का इंतजार रहेगा।