हरियाणा सरकार म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों की प्रदेश में उपस्थिति देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को कानून-व्यवस्था पुख्ता रखने और रोहिंग्या मुस्लिम की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में हालांकि, हिंदु-मुस्लिम के बीच कोई विवाद वाली स्थिति न होने से हालात सामान्य हैं। हरियाणा में बौद्ध की आबादी भी नहीं है, जिनसे संघर्ष के चलते रोहिंग्या मुस्लिम भारत और अन्य देशों में शरण ले रहे हैं। बावजूद इसके सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। इस समुदाय की उपस्थिति हरियाणा में एनसीआर के जिलों मेवात, फरीदाबाद और पलवल में है।
मेवात में ही रोहिंग्या समुदाय के चार सौ परिवार लंबे समय से जीवनयापन कर रहे हैं। पलवल और फरीदाबाद में भी इन परिवारों की संख्या सौ के आसपास है। कभी मेवात में दो ही रोहिंग्या परिवार होते थे, जिनकी संख्या बाद में 28 हुई और अब यह चार सौ परिवारों तक पहुंच गई है। देश भर में चल रहे रोहिंग्या मुसलमानों के प्रदर्शनों के मद्देनजर सरकार पहले ही अलर्ट हो गई है।