कृषि अधिकारी पद पर नियुक्ति देने के आदेश का पालन न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कृषि विभाग के निदेशक डीके बेहरा को 6 अप्रैल को हाईकोर्ट में हाजिर रहने के आदेश दिए हैं। इससे पहले हाईकोर्ट ने अवमानना का दोषी मानते हुए कृषि विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव अभिलक्ष लिखी व निदेशक डीके बेहरा के खिलाफ वारंट जारी कर दिए थे और जमानती वारंट के माध्यम से दोनों को 6 अप्रैल को हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।
बाद में सरकार की ओर से एक हलफनामा सौंपकर आदेश के पालन से जुड़ी रिपोर्ट दिखाई गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने वारंट के आदेश वापस ले लिए, लेकिन कृषि निदेशक को 6 अप्रैल को हाजिर रहने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने यह आदेश दिल्ली निवासी सुमन रानी की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। सुमन रानी की याचिका का गत वर्ष सितंबर में निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि सुमन रानी को एक माह के भीतर कृषि अधिकारी नियुक्त किया जाए।
सुमन का दावा था कि वह प्रतीक्षा सूची में थी और नियुक्ति प्रक्रिया के बाद पद भी रिक्त थे, जिसे भरने के स्थान पर याची को नियुक्ति देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कृषि विभाग के निदेशक को निर्देश दिया था कि वह सुमन रानी को तीस दिन के भीतर कृषि अधिकारी के पद पर नियुक्ति दें। साथ ही यह भी आदेश दिया था कि वह याचिकाकर्ता को जिस दिन से वह प्रतीक्षा सूची में थी, उसी तिथि से नियुक्ति पत्र जारी करें, लेकिन याचिकाकर्ता को पिछले दिनों का कोई वेतन भत्ता नहीं मिलेगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी विभाग ने सुमन को कोर्ट के आदेशानुसार नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया। विभाग के रवैये के खिलाफ सुमन ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने कृषि विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव अभिलक्ष लिखी व निदेशक डीके बेहरा को हाईकोर्ट में तलब किया था, लेकिन अधिकारी हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पेश नहीं हुए। याचिकाकर्ता को एक नियुक्ति पत्र जारी किया, जो हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार नहीं था।