फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana News: महाधिवक्ता ने संशोधित बॉन्ड पॉलिसी को सही ठहराया, कहा- हाईकोर्ट ने नहीं लगाया स्टे

Fri, 23 Dec 2022 12:24 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

महाधिवक्ता की टिप्पणी से साफ हो गया है कि नई बॉन्ड पॉलिसी के मुताबिक ही हरियाणा में एमबीबीएस के दाखिले होंगे। सरकार का दावा है कि हरियाणा में चिकित्सा शिक्षा इतनी बेहतर हो जाएगी कि आने वाले समय में चिकित्सकों का संकट समाप्त हो जाएगा। साथ ही 2025 तक एमबीबीएस की सीटें तीन हजार से ज्यादा हो जाएंगी।
विज्ञापन
पीजीआई रोहतक में छात्रों के प्रदर्शन की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद संशोधित एमबीबीएस बॉन्ड पॉलिसी की अधिसूचना जारी कर सरकार ने इसे अंतिम रूप दे दिया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने फाइल पर जो कानूनी राय मांगी थी, उस पर सरकार के महाधिवक्ता (एजी) बलदेव राज महाजन अपनी राय दे चुके हैं। महाधिवक्ता ने फाइल पर लिखा है कि यह केस हाईकोर्ट में लंबित है लेकिन इस पर स्टे नहीं है। लिहाजा सरकार पॉलिसी में संशोधन कर सकती है। 

विज्ञापन


महाधिवक्ता की टिप्पणी से साफ हो गया है कि नई बॉन्ड पॉलिसी के मुताबिक ही हरियाणा में एमबीबीएस के दाखिले होंगे। सरकार का दावा है कि हरियाणा में चिकित्सा शिक्षा इतनी बेहतर हो जाएगी कि आने वाले समय में चिकित्सकों का संकट समाप्त हो जाएगा। साथ ही 2025 तक एमबीबीएस की सीटें तीन हजार से ज्यादा हो जाएंगी। 

संशोधित बॉन्ड पॉलिसी में एमबीबीएस विद्यार्थियों की अधिकतर मांगें शामिल कर ली गई हैं। अब आंदोलन कर रहे विद्यार्थी आपस में इस पर सहमति बना रहे हैं। पीजीआई रोहतक में धरना दे रहे विद्यार्थियों का कहना है कि पॉलिसी का अध्ययन कर लिया है। अभी कुछ मांगें पूरी होनी बाकी हैं। इनमें कक्षाओं से गैर हाजिर विद्यार्थियों की हाजिरी समेत अन्य मांगें शामिल हैं। इसके लिए स्थानीय स्तर पर वाइस चांसलर के साथ बैठक हुई है। धरना खत्म करने का फैसला सभी विद्यार्थियों की सहमति से लिया जाएगा। आंदोलन की अगुआई कर रहे पंकज बिट्टू और प्रिया कौशिक का कहना है कि करनाल, खानपुर और मेवात मेडिकल कालेजों के विद्यार्थियों के साथ बैठक के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

ये रहेगा फीस का ढांचा

  • एमबीबीएस डिग्री         सालाना फीस (सरकारी)        सालाना फीस (एडेड)
  • प्रथम वर्ष                      80 हजार रुपये                     1.80 लाख रुपये
  • द्वितीय वर्ष                  86,141 रुपये                       1.80 लाख रुपये
  • तृतीय वर्ष                     92,896 रुपये                       1.80 लाख रुपये
  • चतुर्थ वर्ष                     1,00,327 रुपये                     1.80 लाख रुपये
  • पंचम वर्ष                     63,546 रुपये                        90 हजार रुपये
  • कुल                            4,22,910 रुपये                     8.10 लाख रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें