आम आदमी पार्टी (आप) ने हरियाणा की चार लोकसभा सीटों के लिए सोमवार को अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए।
राज्य में छह सीटों पर पार्टी पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
पार्टी के हरियाणा ईकाई के मुख्य प्रवक्ता राजीव गोदारा ने बताया कि भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से ललित अग्रवाल, फरीदाबाद से पुरुषोतम डागर, करनाल से परमजीत सिंह और अंबाला से एसपी सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि छह सीटों पर गुड़गांव से योगेंद्र यादव, हिसार से डॉ. युद्धवीर सिंह ख्यालिया, कुरुक्षेत्र से बलविंद्र कौर, रोहतक से नवीन जय हिंद, सिरसा से पूनम चंद रती और सोनीपत से जय सिंह को उम्मीदवार पहले ही घोषित किया जा चुका है।
गोदारा ने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सब दस लोकसभा सीटों में जाएंगे। इसके लिए आप के ही वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव भी लगभग सब उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने जाएंगे।
‘आप’ के चार उम्मीदवारों का बायोडाटा
परमजीत सिंह - करनाल
1977 में जन्में परमजीत सिंह का जीवन करनाल में ही बीता है। एमए पास परमजीत कारोबारी हैं और देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आंदोलन शुरू होते ही आंदोलन से जुड़े और ‘आप’ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं।
हरियाणा में ‘आप’ को खड़ा करने में उन्होंने कड़ी मेहनत की और वे हरियाणा इकाई के महासचिव बने। राबर्ट वाड्रा मामले में आंदोलन के दौरान वे घायल भी हुए।
ललित अग्रवाल - भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट
1974 में जन्में ललित अग्रवाल चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वे सूचना अधिकार कानून के तहत सक्रिय रहे हैं।
भिवानी में गंदे पानी की सप्लाई और खराब सीवर व्यवस्था के खिलाफ घर-घर जाकर एक सौ से ज्यादा शिकायतें जन स्वास्थ्य विभाग में देकर सफलतापूर्वक काम करवाया।
वे अन्ना आंदोलन में अप्रेल 2011 से ही सक्रिय भूमिका में रहे। उन्होंने 7 जुलाई 2012 को अरविंद केजरीवाल और अन्य साथियों के अनशन से पहले भिवानी में एक जनसभा का आयोजन किया था।
जनसभा में हजारों लोग पहुंचे थे और अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय ने संबोधित किया था।
एसपी सिंह - अंबाला
1960 में जन्में एसपी सिंह पंचकूला निवासी है। बचपन हिसार में बीता और एमए पास कर 1985 में उन्होंने बैंक की नौकरी ज्वाइन कर ली। वर्ष 2002 में पंचकूला आकर बस गए।
उनकी पत्नी गीता स्कूल की प्रिंसिपल हैं और उनके दो बच्चे इंजीनियर हैं। छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया में सक्रिय रह चुके एसपी सिंह ने 2009 में पंचकूला में ‘डेमोक्रेटिक फोरम’ नामक संगठन बनाया और रूचिका प्रकरण में न्याय के लिए एसपीएसस राठौर के खिलाफ आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई।
उन्होंने 7 अगस्त 2013 को बैंक की नौकरी छोड़ दी। वे अखबारों में लेख लिखकर और टीवी चैनलों के बहस में आम जन की आवाज उठाते रहते हैं।
पुरुषोतम डागर - फरीदाबाद
32 साल के बल्लभगढ़ निवासी पुरुषोतम डागर मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिप्लोमा की पढ़ाई छोड़कर पारिवारिक जिम्मेवारी संभालने लग गए थे।
उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपना व्यवसाय खड़ा किया। अन्ना आंदोलन से जुड़ने के बाद वे ‘आप’ से जुड़े और अपने व्यवसाय से छुट्टी लेकर दिल्ली चुनाव में मुस्तैदी से लगे रहे।