जाट आरक्षण रद करने के फैसले के खिलाफ रविवार को सिसाना में हुई पंचायत में नौ राज्यों की 75 खापों ने एक मई को रोहतक में फिर से जुटने और आरक्षण की लड़ाई का अंतिम फैसला करने का निर्णय किया। पंचायत में 11 मई को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन के मद्देनजर विचार विमर्श हुआ।
पंचायत ने भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के उस बयान को बेबुनियाद करार दिया, जिसमें उन्होंने धमकी देने की बात कही थी। इस मौके पर दहिया खाप की महिला विंग का गठन भी किया गया और इसकी कमान कुरुक्षेत्र की संतोष दहिया को सौंपी गई।
गांव की प्राथमिक पाठशाला में समस्त भारत खाप व जाट आरक्षण संघर्ष सम्मेलन की समीक्षा पंचायत में 9 राज्यों के 75 खापों के प्रतिनिधियों सहित अनेक जाट नेता पहुंचे थे। पंचायत की अध्यक्षता दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने की।
उन्होंने बताया कि युवा वर्ग को संघर्ष से जोड़ने के लिए प्रचार समिति का गठन किया जाएगा, जो घर-घर जाकर जाटों को आरक्षण के लिए जागरूक करेगी। इसके अलावा एक संघर्ष समिति का भी गठन किया जाएगा, जिसके नेतृत्व में ही संघर्ष किया जाएगा।
कहा कि जाटों को ओबीसी आरक्षण देने पर समाज एकजुट हो चुका है और वह हक लेकर ही दम लेंगे। इसके लिए रोहतक में एक मई को फिर से जुटेंगे और दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की रणनीति पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
पूर्व कर्नल मेहर सिंह दहिया ने कहा कि हमें आरक्षण न देकर हमारे वजूद पर हमला किया जा रहा है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक और आनंद दहिया ने संयुक्त रूप से पंचायत का संचालन किया।