केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को सांसद हरसिमरत कौर बादल ने गांव गिलपत्ती में अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं संग बैठक की। बैठक के बाद सांसद बादल ने कहा कि शिअद पंजाब के लोगों और किसानों के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है। कृषि कानून को लेकर अभी किसानों और शिअद को बड़ी-बड़ी ताकतों का सामना करना है। यह तभी संभव हो सकता, जब सभी राजनीतिक दल एक मंच पर आ जाएं।
उन्होंने कहा कि अगर उक्त कानून को लेकर जुलाई 2019 में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्रीय कमेटी को अपनी सहमति न देते तो आज यह दिन देखना न पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन और वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के बोए कांटों के कारण प्रदेश का किसान सड़कों पर है। कांग्रेस सरकार ने 28 अगस्त को कृषि कानून के विरोध में प्रस्ताव पास किया था, वो भी केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया। अगर शिअद नेता राष्ट्रपति से इस कानून के विरोध में मिल सकते हैं तो कैप्टन क्यों नहीं मिलने गए।
यूथ कांग्रेस नेताओं की ओर से दिल्ली में ट्रैक्टर जलाने पर सांसद ने कहा कि यह लोग सिर्फ किसानों के संघर्ष का तमाशा बना रहे हैं। खुद को नेशनल मीडिया में लाने के चक्कर में ऐसे घटिया काम को अंजाम दे रहे। सांसद बादल ने कहा कि अगर कांग्रेस सच में किसानों के हक में है तो पंजाब में सरकारी मंडी का एलान करे, जिसका अधिकार राज्य सरकार के पास है।
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