पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल
- फोटो : @HarsimratBadal_
पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जब मुझे यह एहसास हुआ कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है तो मैंने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए नारा दिया कि ‘इक्को नारा शिअद नूं किसान प्यारा’।
वहीं, शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने अपनी मांग दोहराते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि किसानों के हित बचाने के लिए मुख्यमंत्री को तत्काल पूरे राज्य को प्रमुख मंडी यार्ड घोषित कर देना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को तुरंत कैबिनेट की मीटिंग बुलानी चाहिए और पूरे राज्य को प्रमुख मंडी यार्ड घोषित करने के लिए अध्यादेश लाना चाहिए। इसके बाद सरकार को अध्यादेश की पुष्टि के लिए राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।
सुखबीर बादल ने कहा कि मैंने दो दिन पहले ही यह प्रस्ताव पेश किया है। यह कैप्टन अमरिंदर सिंह ही थे, जिन्होंने अपनी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में निजी मंडियों, कांट्रैक्ट फार्मिंग और ई-ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए स्टेट एपीएमसी एक्ट में संशोधन किया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है। मुख्यमंत्री को पिछले साल अगस्त से अध्यादेश के बारे में पता था। उनकी सरकार को मिले पत्र के रूप में इसका ठोस सबूत है लेकिन उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के कदम का विरोध करने के बजाय चुप रहने का फैसला किया था।
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