प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ताजपोशी समारोह में केंद्रीय मंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ग्रहण करने वाली बठिंडा की अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल पर अब पूरे पंजाब की उम्मीदें लगी हैं।
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हरसिमरत के करियर की शुरुआत करीब 25 बरस पहले हो गई थी। फैशन डिजाइनिंग में ग्रेजुएट हरसिमरत आज भी अपनी संस्था ‘नन्हीं छां’ के जरिए लड़कियों और पर्यावरण के लिए जागरूकता को लेकर प्रयासरत हैं।
1991 में उन्होंने शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के साथ शादी के बाद दिल्ली के वसंत कुंज क्षेत्र में गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल शुरू किया। उन्होंने चौ. देवीलाल चैरिटेबल ओल्ड एज होम सहित ऐसी कई अन्य संस्थाओं की सहायता का बीड़ा भी उठा रखा है।
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2009 में सक्रिय राजनीति में कदम
समाज सेवा करते हुए उन्होंने 2009 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। 2009 के लोकसभा चुनाव में वह पहली बार बठिंडा लोकसभा सीट से चुनाव में करीब 1.20 लाख मतों से विजयी हुईं।
2014 के आम चुनाव में फिर से बठिंडा की जनता ने उनमें विश्वास व्यक्त किया और अब वह केंद्रीय मंत्री बन गईं हैं। सांसद के रूप में अपनी पहली पारी में हरसिमरत ने पंजाब और सिखों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को संसद में मजबूती के साथ उठाया था।
बादल परिवार से तीसरी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने चुनाव प्रचार के दौरान जहां विकास को अपना एजेंडा बनाया, वहीं तत्कालीन यूपीए सरकार को आर्थिक फ्रंट पर प्रदेश के साथ पक्षपात करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
हरसिमरत की चुनौतियां
प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी की जिम्मेदारी यूपीए सरकार पर डालते हुए हरसिमरत लगातार कहती रहीं कि पंजाब में नशा बॉर्डर पार से आता है। पाकिस्तान के साथ लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा की रक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ पर होने की बात कहते हुए, उन्होंने वादा किया कि केंद्र में एनडीए सरकार बनने से सीमा पर सख्ती बढ़ेगी और तभी तस्करी रुक सकेगी।
यह बात भी उनकी तकरीरों का हिस्सा रही कि मुख्यमंत्री बादल के नरेंद्र मोदी से संबंध बहुत अच्छे हैं और एनडीए सरकार बनने पर प्रदेश को पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी।
अब वह खुद इस सरकार का हिस्सा बन चुकी हैं, तो राज्य का आर्थिक संकट दूर करने, नशा तस्करी रोकने और प्रदेश में उद्योग सहित सर्व पक्षीय विकास को गति प्रदान करने के लिए उनके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का, पंजाब बेताबी से इंतजार कर रहा है।
बादल पिता-पुत्र भी रह चुके हैं केंद्र में मंत्री
25 जुलाई 1966 को जन्मी हरसिमरत कौर बादल से पहले उनके ससुर और पति भी अलग-अलग समय केंद्र में मंत्री रह चुके हैं।
ससुर प्रकाश सिंह बादल 1977 में बनी जनता पार्टी की सरकार और पति सुखबीर सिंह बादल अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में मंत्री थे। पंजाब में विशेष अहमियत रखने वाले मजीठिया परिवार की बेटी हरसिमरत के भाई बिक्रम सिंह मजीठिया भी इस वक्त यूथ अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हैं।
हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के बाद परमात्मा का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।
उन्होंने एनडीए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि फूड प्रोसेसिंग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय का जिम्मा मिलने से वह गौरवांवित महसूस कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश पंजाब सहित देशभर की एग्री प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की होगी। यह भी कहा कि वह अपने ससुर और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के अनुभव का फायदा उठाते हुए, किसानों को उनके कृषि उत्पादों का अधिक से अधिक लाभ देने का हर संभव प्रयास करेंगी।