उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत।
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कांग्रेस नेता और पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे को कथित विदेशी मुद्रा एक्सचेंज उल्लंघन मामले में समन किए जाने के समय पर सवाल उठाए हैं। कैप्टन के बेटे रणइंदर सिंह को ईडी द्वारा कथित रूप से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत विदेश में अघोषित संपत्ति को लेकर दर्ज एक मामले में समन भेजा गया है।
हरीश रावत ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा- ईडी का समन कैप्टन अमरिंदर सिंह की आवाज को दबा नहीं सकता। कैप्टन पंजाब और देश के किसानों की आवाज हैं। जरा ईडी के समन भेजने के समय को देखें। अगर आप आवाज उठाते हैं तो ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई को आपके पीछे लगा दिया जाएगा। समन से क्या यह संदेश नहीं जाता है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन विवादित कृषि कानूनों की आलोचना करते रहे हैं। गत मंगलवार को पंजाब विधानसभा में उन्होंने चार विधेयक लाकर केंद्र के नए कृषि कानूनों को रद्द कर दिया। इसके बाद केंद्र सरकार की एजेंसी ईडी की ओर से कैप्टन के बेटे रणइंदर सिंह को एक केस में समन जारी कर 27 अक्तूबर को जालंधर स्थित ईडी आफिस में पेश होने को कहा गया।
2016 में भी ईडी ने की थी पूछताछ
इसी केस में ईडी द्वारा 2016 में भी रणइंदर सिंह से पूछताछ की जा चुकी है और तब भी उनसे पूछा गया था कि वे स्विट्जरलैंड में धन ले जाने और ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड में ट्रस्ट बनाने व कुछ सहायकों को जोड़ने के बारे में जानकारी दें। इससे पहले इसी मामले में आयकर विभाग ने भी छानबीन की थी। रणइंदर सिंह ने उस समय भी किसी तरह के गैरकानूनी कार्य से इंकार किया था।