स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में महिला मरीज से दुष्कर्म मामले में मंगलवार को पुलिस की टीम ने करीब 45 मिनट तक अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ की। इस दौरान पीड़ित महिला से भी बातचीत की।
वहीं, शीर्ष अधिकारियों और जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद महिला मरीज के गर्भपात के लिए महिला रोग विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया गया है। देर शाम महिला को जांच के लिए वार्ड दो में ले जाया गया। बताया जा रहा है कि महिला का पति जल्द गर्भपात कराकर उसे घर ले जाना चाहता है।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ (एसआईएमएच) में महिला मरीज से दुष्कर्म की जांच के लिए दोपहर करीब तीन बजे पुलिस की टीम पहुंची।
जानिए कौन कर रहा था उपचार
चिकित्सक
- फोटो : file photo
बताया जा रहा है कि पौने चार बजे तक पुलिस ने अस्पताल के स्टाफ और अन्य लोगों से पूछताछ की है। पुलिस ने पीड़िता की जानकारी लेने के साथ ही अस्पताल के पिछले चार माह के ड्यूटी रोस्टर को भी खंगाला है। डॉक्टरों, बियरर और नर्स का रिकार्ड लिया गया है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला के पति की मांग है कि उसकी पत्नी का जल्द गर्भपात कराया जाए और उसे छुट्टी दी जाए। वह नहीं चाहता कि उसके परिवार और क्षेत्र के लोगों को घटना बारे में जानकारी मिले।
वहीं, पुलिस ने सवाल उठाया है कि पीड़िता के लापता होने के छह माह बाद भी गुमशुदगी की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई गई? पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि ओपीडी के बाद वार्ड में नर्स और बियरर ही रहते हैं या कोई और होता है। पुलिस को आशंका है कि घटना में कोई नर्स भी शामिल हो सकती है।
ये डॉक्टर कर रहे थे उपचार
एसआईएमएच में डॉ. अमित सोनी, डॉ. नागर, डॉ. प्रतिभा के साथ डॉ. प्रदीप महिला मरीज का शुरू से ही उपचार कर रहे हैं। वहीं, मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्य विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने महिला के परिजनों की तलाश की। इससे पहले वे बिहार, पंजाब, यूपी, राजस्थान और हरियाणा के मानसिक रोगियों को उनके घर तक पहुंचा चुके हैं।
आरोपी को बाबू और अन्य को मामा बुलाती है महिला
चिकित्सक
आरोपी को बाबू और अन्य को मामा बुलाती है महिला
दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार बियरर को पीड़ित महिला बाबू कहती है। अन्य लोगों को मामा कह कर बुलाती है। सूत्रों की मानें तो महिला अकसर कहती है कि बाबू (बियरर) को छुड़वा दो। सूत्र बताते हैं कि पीड़ित महिला का यह सातवां गर्भ है। महिला के तीन बच्चे जीवित हैं। जबकि तीन गर्भ गिर गए थे। बताया जा रहा है कि महिला 18 साल से मानसिक रूप से बीमार है।
घटना के बाद जागा प्रशासन
महिला मरीज से दुष्कर्म की घटना के बाद एसआईएमएच की नींद टूटी है। अब संस्थान में तीन अतिरिक्त महिला और तीन पुरुष बियरर की तैनाती की गई है। सीईओ डॉ. राजीव गुप्ता की ओर से गठित टीम की चेयरमैन डॉ. सुजाता सेठी ने मामले में रिकार्डों को खंगालना शुरू कर दिया है। यह भी सामने आया है कि मेंटल अस्पताल में क्रोनिक रिहेबलिटेशन वार्ड नहीं है।
इस वार्ड में उन मरीजों को अलग रखा जाता है जो गंभीर होते हैं और जिनके साथ कोई परिजन नहीं होते। यह भी सवाल उठ रहा है कि एसआईएमएच में मरीजों की संख्या कम क्यों है? सूत्रों की मानें तो घटना के बाद दो मरीजों को छुट्टी दे दी गई है, लेकिन इन्हें पुलिस जांच में शामिल करेगी।
बड़ा सवाल
पीजीआईएमएस के मनोरोग विभाग और एसआईएमएच का प्रभार डॉ. राजीव गुप्ता के पास है। एसआईएमएच में एक साल से डीएमएस का पद खाली है। डॉ. साहू के बाद मेडिकल आफिसर डॉ. अमित सोनी को कार्य भार सौंपा गया है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं होने के चलते ढिलाई बरती जा रही थी। अधिकारी भी स्टाफ को चेताते थे।