हरियाणा में हर रोज करीब सात महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। ज्यादातर मामलों में अपने ही महिलाओं को प्रताड़ित कर रहे हैं। यह खुलासा हुआ है राज्य महिला आयोग की रिपोर्ट में। पिछले सात माह में महिला आयोग के पास करीब 1500 शिकायतें पहुंचीं। इनमें से 1050 घरेलू हिंसा की शिकायतें हैं।
जबकि करीब 150 रेप के मामलों में बेटियां इंसाफ के लिए भटक रहीं हैं। यह वह मामले हैं जो महिला आयोग के सामने आए हैं, वरना कई पीड़ित महिलाएं तो शर्म की वजह से पुलिस से शिकायत करना ही मुनासिब नही समझती है। इससे वह लगातार अपनों का शिकार होती रहती हैं।
पिछले कुछ समय से हरियाणा में रेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में राज्य महिला आयोग ने पिछले सात माह में प्राप्त शिकायतों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन के अनुसार आयोग को बीते जून से लेकर जनवरी तक 1500 शिकायतें प्राप्त हुई। इनमें से 1050 मामले घरेंलू हिंसा, 300 मामले दहेज उत्पीड़न, जबकि 150 मामले यौन शोषण के आए है। इसमें गुड़गांव में सबसे अधिक 120, रोहतक में 100, सोनीपत में 95, जींद में 90, फतेहबाद में 50, हिसार में 70, सिरसा में 60, करनाल में 40 मामलों की शिकायत राज्य महिला आयोग के दरबार में की गई।
गुड़गांव में सबसे अधिक महिला हिंसा के 120 मामले
Haryana Rape
- फोटो : File Photo
बता दें कि रोहतक सीएम का गृह जनपद भी है। इसके बावजूद शिकायतों में दूसरे स्थान पर है। कई मामलों में संबंधित जिले की पुलिस ने मामले दर्ज कराने के बाद भी कार्रवाई करना तक मुनासिब नही समझा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के अनुसार जांच में सामने आया है कि घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के अधिकतर मामले शिक्षा की कमी व कम उम्र में लड़कियों की शादी के कारण सामने आए है। कई मामलों में बेवजह मनमुटाव के कारण दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। बताया कि 1500 में से 100 के करीब घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के मामलों में सुलह कराई जा चुकी है। बाकि में भी सुलह का प्रयास किया जा रहा है।
जागरूकता शिविर होंगे आयोजित
अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने बताया कि हरियाणा के विभिन्न स्कूल कॉलेजों में विशेष अभियान चलाकर छात्र एवं छात्राओं को जागरूक किया जाएगा। साथ ही रेप जैसी घटना पर अंकुश लगाने के लिए छात्राओं व अन्य युवतियों को शिविर के माध्यम से आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए पूरी प्लानिंग की जा चुकी है।
पिछले सात माह में प्रदेश में सबसे अधिक घरेलू हिंसा के मामले सामने आए है। गुडगांव में सबसे अधिक 120 मामले सामने आए है। इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। साथ ही प्राप्त मामलों में भी दोनों पक्षों की सहमति से सुलह का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतिभा सुमन, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग हरियाणा