पुराना जमाना कुछ और था। गीतों को सुन कर उनका मर्म समझा जाता था। आजकल के गाने शब्दों से ज्यादा वीडियो पर आधारित है, जिन्हें सिर्फ देखने के लिए बनाया जा रहा है। यह कहना है सूफी गायक हंस राज हंस का। वे रविवार शाम प्रेस क्लब में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि वक्त के साथ सब कुछ बदलता है, लेकिन जो अच्छा होता है वही अंत तक कायम रहता है। यही कारण है कि क्लासिकल, भजन और गजलों का जमाना कभी नहीं गुजरता।
सुनने वाले उसे आज भी चाव से सुनते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि आजकल के गानों में नकारात्मक बदलाव आया है। इसमें कुछ अच्छे बदलाव भी देखने को मिले हैं।
माई 30 इयर्स कलरफुल जर्नी इन बॉलीवुड :
प्रेस क्लब में बॉलीवुड फोटोग्राफर राज तिलक चावला ने अपनी पहली पुस्तक ‘माई 30 ईयर्स कलरफुल जर्नी इन बॉलीवुड’ का विमोचन हंस राज हंस और गैरी चहल के हाथों करवाया। राज ने बताया कि किताब में उनकी पंजाब से लेकर मुंबई तक की यात्रा और उससे जुड़े तमाम पलों को सहेजा है। बॉलीवुड में वे धर्मेंद्र समेत कई बड़े कलाकारों को अपने कैमरे में कैद कर चुके हैं। उन्हीं से जुड़ीं कुछ मजेदार बातों को उन्होंने किताब में लिखा है।