-सुरक्षा कर्मियों की रिहायश बनी सबसे बड़ी अड़चन, 1 मार्च नई डेडलाइन
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कंवरपाल
हलवारा। लुधियाना के हलवारा में बना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भौतिक रूप से पूरी तरह तैयार है, लेकिन वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। सिविल टर्मिनल, एप्रन, यात्री सुविधाएं और अन्य बुनियादी ढांचा तैयार होने के बावजूद प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कारणों से यह परियोजना अटकी हुई है। इससे स्थानीय निवासियों, उद्योग जगत और व्यापारिक संगठनों में निराशा बढ़ती जा रही है। पहले 50 दिन की डेडलाइन तय की गई थी, जो निकल चुकी है। अब नई डेडलाइन 1 मार्च तय की गई है।
हवाई अड्डे पर तैनात होने वाले 58 सदस्यीय सुरक्षा दल की रिहायश के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। जिला प्रशासन ने एसडीएम रायकोट के माध्यम से आसपास की पंचायतों को पत्र लिखकर जमीन उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन नई आबादी अकालगढ़, हलवारा और एतिआणा सहित कई पंचायतों ने असमर्थता जता दी है। एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित 162 एकड़ जमीन के मुआवजे को लेकर बनी संघर्ष कमेटी के प्रधान और सरपंच लखवीर सिंह ने बताया कि उनसे मॉल विभाग के जरिए जगह देने को कहा गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इसी तरह नई आबादी अकालगढ़ की सरपंच मंजीत कौर के पति भवनदीप सिंह ग्रेवाल ने भी पंचायत स्तर पर जमीन देने से इन्कार कर दिया।
सिविल टर्मिनल भवन, रनवे से जुड़ा एप्रन, यात्री संचालन सुविधाएं और अन्य ढांचा स्वीकृत योजनाओं के अनुसार पूरा हो चुका है। तकनीकी और इंजीनियरिंग स्तर पर हवाई अड्डा उड़ान संचालन के लिए तैयार माना जा रहा है। अधिकारी भी इस तथ्य को स्वीकार कर चुके हैं, जिसके चलते आम धारणा बन गई है कि एयरपोर्ट बनकर भी निष्क्रिय पड़ा है। उड़ानें शुरू न होने का एक बड़ा कारण भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को औपचारिक हस्तांतरण और परिचालन की आधिकारिक घोषणा का लंबित होना है। इसके अलावा नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो सहित अन्य नियामक संस्थाओं से सुरक्षा मंजूरियां भी जरूरी हैं। इन प्रक्रियाओं में निरीक्षण, सिस्टम सर्टिफिकेशन और मानक संचालन प्रक्रियाओं का सत्यापन शामिल है। हलवारा एयरपोर्ट एक सक्रिय भारतीय वायुसेना अड्डे के साथ स्थित है। ऐसे में नागरिक और सैन्य उड्डयन के बीच हवाई क्षेत्र प्रबंधन, आवागमन नियंत्रण और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर उच्च स्तर का समन्वय आवश्यक है। यही कारण है कि रक्षा विभाग से अंतिम मंजूरी का इंतजार अभी जारी है।
एयरलाइनों का शेड्यूल तय नहीं
एयर इंडिया-विस्तारा ने हलवारा से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए सप्ताह में सातों दिन उड़ानें चलाने की सहमति दी है, लेकिन औपचारिक परिचालन तिथि तय न होने से शेड्यूल घोषित नहीं हो पाया। बिना स्पष्ट तारीख और मंजूरी के एयरलाइंस विमान और स्टाफ तैनात नहीं कर पा रही हैं। पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की है। अनुमति मिलते ही कुछ ही दिनों में संचालन शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में सप्ताह में पांच दिन उड़ानें चलेंगी। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने भी भरोसा दिलाया कि सुरक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण और रिहायश की व्यवस्था जल्द पूरी कर ली जाएगी। प्रशासन और सरकार के आश्वासनों से अब लोगों को 1 मार्च तक उड़ानें शुरू होने की उम्मीद बंधी है।