हरियाणा में अब सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 20 फीसदी कोटे का आधा हिस्सा अनुसूचित जाति के वंचित वर्ग को मिलेगा। फैसले के अनुसार अब सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 20 फीसदी कोटे का आधा हिस्सा यानी 10 फीसदी आरक्षण वंचित अनुसूचित जाति (डीएससी) के उम्मीदवारों के लिए अलग रखा जाएगा। इसमें कुल 36 जातियां शामिल हैं।
इस फैसले से हरियाणा करीब 64 लाख अनुसूचित जाति आबादी प्रभावित होगी। इसमें वंचित अनुसूचित जाति की जनसंख्या करीब 34 लाख है, जो राज्य की कुल अनुसूचित आबादी का 52 फीसदी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में केंद्र सरकार से जारी अधिसूचना के आधार पर समय-समय पर अनुसूचित जाति की सूची को अपडेट किया जाएगा। सरकार इससे पहले 2020 में उच्च शिक्षा के दाखिलों में अनुसूचित जाति के आरक्षण में वर्गीकरण को लागू किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त महीने में दिए अपने फैसले में राज्य सरकारों को अनुसूचित जाति में वर्गीकरण कर निर्धारित 20 फीसदी आरक्षण में से अलग-अलग कोटा लागू करने का अधिकार दिया था। नई सरकार बनते ही मंत्रिमंडल की पहली बैठक में राज्य अनुसूचित जाति आयोग की अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण विभाजित करने की सिफारिशों को मंजूरी दी गई।
यह भी प्रावधान है :
यदि वंचित अनुसूचित जाति के उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं नहैं तो शेष रिक्त पद अन्य अनुसूचित जाति के उपयुक्त उम्मीदवारों की नियुक्ति पर विचार किया जा सकता है। इसी तरह 20 फीसदी एससी कोटे का आधा हिस्सा अन्य अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होगा। इसमें यदि अन्य अनुसूचित जाति के उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हैं, तो शेष रिक्त पदों को भरने के लिए वंचित अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा।
इन 36 जातियों को मिलेगा लाभ
वंचित अनुसूचित जाति : (डीएससी) में वाल्मिकी, चूड़ा, भंगी, धानक, ओड, बाजीगर, मजहबी, मजहबी सिख, आद धर्मी- अहेरिया, अहेरी, हरी, हेरी, थोरी, तुरी, कोरी, कोलि, फरेरा-राय सिख, पासी, बटवाल, बरवाला, बौरिया, बावरिया, मेघ, मेघवाल, खटिक, कबीरपंथी, जुलाहा, सैंसी, भेडकूट, मनेश, डूमना, माशा, डूम, सिकलीगर, बारिया, सपेला, सपेरा, सिरकिबंद, डेहा, ढाया, डिया, नट, बडी, बंजारा, बंगाली, बारर, बुरार, बेरार, सनही, परना, गंडिला, गांडिल, गंडोला, ढोगरी, ढांगरी, सिग्गी, मरिजा, मारेचा, छनाल, दागी, डरेन, सनहल, गगरा, संसोई और सरेरा शामिल हैं। अन्य अनुसूचित जाति : रेहगर, रैगर, रामदासी, रविदासी, बलाही, बटोई, भटोई, भांबी, चमार-रोहिदास, जाटव, जाटवा, मोची, रामदासिया शामिल होंगे।
असमानता खत्म करने के लिए लागू किया फैसला
हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार वंचित अनुसूचित जातियों का राज्य की सरकारी सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, जबकि अन्य अनुसूचित जातियों का राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग में उनकी जनसंख्या के अनुपात की तुलना में राज्य की सरकारी सेवाओं में पर्याप्त से अधिक प्रतिनिधित्व है।