हरियाणा में इन्फ्लुएंजा वायरस (H3N2) के कुल 10 रोगी सामने आए हैं। वहीं जींद जिले के जुलाना निवासी एक व्यक्ति की मौत भी दर्ज की गई है। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए हरियाणा सरकार भी सतर्क हो गई है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी स्थिति की समीक्षा की। विज ने कहा कि हरियाणा हर परिस्थिति से लड़ने को तैयार है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल निज ने सभी जिला अस्पातलों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ साथ निजी अस्पतालों को अलर्ट रहने के साथ-साथ फ्लू ओपीडी शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने वायरस के इलाज के लिए एक प्रोटोकॉल भी जारी किया गया है। एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर भी विशेष सलाह दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण होने पर रोगियों में खांसी, मतली, उल्टी, गले में खराश, बुखार, शरीर में दर्द और दस्त जैसे लक्षण होते हैं।
ये हैं लक्षण
- नाक बहना
- तेज बुखार
- खांसी (शुरुआत में गीली और फिर लंबे समय तक सूखी)
- छाती में भारीपन
- उल्टी
- शरीर में दर्द
ये है बचाव के उपाय
- मास्क पहनें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
- बार-बार अपनी आंखों और नाक को छूने से बचें
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढंकें
- बुखार और बदन दर्द होने पर पैरासिटामोल लें
जींद के जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उसको लंग्स कैंसर भी था। इसलिए हमने स्वास्थ्य विभाग को लिखा है कि इसकी जांच करें कि मृत्यु कैंसर से हुई है या H3N2 वायरस से हुई है। हरियाणा सरकार सभी परिस्थितियों से लड़ने को तैयार है और हमारी पूरी तैयारी है। - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।