गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए बने दर्शन स्थल, जहां से श्रद्धालु दूरबीन के जरिये गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करते थे, को हटाया जा रहा है। इस दर्शन स्थल से कॉरिडोर के लिए ओवरब्रिज बनना है। दर्शन स्थल हटने के कारण छह मई के बाद संगत श्री करतारपुर साहिब के दर्शन नहीं कर सकेगी।
संगत को दर्शन स्थल तक जाने की आज्ञा नहीं दी जाएगी और उन्हें इससे पहले नाके पर ही रोक लिया जाएगा। एक मई से दर्शन स्थल के आस-पास पेड़ों की कटाई का काम शुरू किया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को डेरा बाबा नानक में श्री गुरु नानक देव जी के 17वें वंशज बाबा सुखदीप सिंह बेदी (चेयरमैन चेरिटेबल अस्पताल) और सिगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के वाइस प्रेजिडेंट जितेन्द्र सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि छह मई 2008 को उन्होंने दर्शन स्थल का निर्माण बीएसएफ की 153 बटालियन के सहयोग से करवाया था। इसके अलावा दर्शन स्थल पर संगत की सुविधा के लिए शैड, कैंटीन और वीआईपी लोगों के लिए एक कमरा बनाया गया है लेकिन यह सब अब नहीं रहेगा। कारिडोर निर्माण के चलते इन सभी स्थानों को हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्री करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण हेतु बनाए जाने वाले ओवरब्रिज को लेकर प्रशासन ने यह दर्शन स्थल हटाने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा करतारपुर कॉरिडोर रोड बनाने के लिए बीच आते पेड़ काटे जाएंगे। जितेन्द्र सिंह ने बताया कि यह ओवरब्रिज 100 मीटर लंबा होगा, जिसकी ऊंचाई साढ़े 5 मीटर होगी। उन्होंने बताया कि कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से किया जा रहा है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से केवल सड़क बनाने का काम किया जा रहा है, उनकी ओर से कोई ब्रिज नहीं बनाया जाएगा।