गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद डेरा समर्थकों ने हिंसा की, उपद्रव मचाया। पर बड़ा सवाल ये हैं कि अगर वे बाबा के भक्त थे तो पिस्टल, करतूस और पेट्रोल क्यों लाए। पंचकूला में हुए बवाल के बाद वहां से भाग कर चंडीगढ़ में प्रवेश करते पकड़े गए डेरा प्रमुख के पांच कमांडो और एक ड्राइवर को यूटी पुलिस ने शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया।
यहां बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि ‘पुलिस ने बेकसूरों को गिरफ्तार किया है। ये बाबा के भक्त हैं और उनकी श्रद्धा में यहां आए थे। उनके भगवान को अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद ये लोग अपने जिलों की ओर वापस जा रहे थे, लेकिन रास्ता पता न होने के कारण गलती से यहां आ गए’।
इस पर जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि अगर ये बाबा के भक्त थे तो ये पिस्टल, कारतूस, पेट्रोल की कैनी और इलेक्ट्रिक करंट वाली रॉड लेकर क्यों आए थे। ये सब इनकी जिप्सी से बरामद हुआ है। इस पर बचाव पक्ष ने दलील दी कि पिस्टल का लाइसेंस है। अदालत ने लाइसेंस दिखाने को कहा तो बताया गया कि लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया गया है।
सभी छह आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया
Ram Rahim Verdict
पुलिस की दलील सुनने के बाद अदालत ने सभी छह आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने अदालत से एक ड्राइवर और पांच कमांडो का पांच दिन का रिमांड मांगा। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और इस आपराधिक साजिश में और किन लोगों के शामिल होने, किसके आदेश पर यह सब करने की दलील थी।
शुक्रवार को मनीमाजरा थाना पुलिस ने पंचकूला में हुए उपद्रव के बाद चंडीगढ़ में प्रवेश करते राम रहीम के काफिले के साथ आए कमांडों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। ये लोग एक जिप्सी में थे और इनके पास से एक पिस्टल, 25 कारतूस, पेट्रोल की कैनी बरामद हुई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में जिप्सी ड्राइवर हरियाणा निवासी रंजीत, अनूप, सुखविंदर, उत्तर प्रदेश निवासी धर्मेंद्र, पंजाब निवासी मनिंदर और कृष्णपाल शामिल हैं। थाना पुलिस ने इनके खिलाफ 147, 148, 149, 188, 120बी आईपीसी और आर्म्स एक्ट 25-27-54-59 के तहत केस दर्ज किया था।