चंडीगढ़। सेक्टर 16 के पंजाब कला भवन में बुधवार को तीन दिवसीय नाट्य उत्सव का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन सुचेतक रंगमंच की ओर से हुआ। पहला दिन खिडदे रहण गुलाब नाटक के साथ शुरूआत हुई। यह आयोजन पंजाब कला परिषद और और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के सहयोग से हुआ। नाटक का लेखन शब्दीश ने किया और निर्देशन अनीता शब्दीश ने किया। नाटक में अनीता शब्दीश ने एकल अभिनय किया।
यह नाटक भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाली गदर पार्टी की नायिका गुलाब कौर की जीवन गाथा है, जो रोजी रोटी की तलाश में अपने पति मान सिंह के साथ मनीला गई थी। उनका असल मकसद अमेरिका जाना था, जहां अधिक कमाई हो सकती थी।
उसी समय अमरीका में स्थापित हुई गदर पाटी ने अंग्रेज हुकूमत का तख्ता पलटने के लिए भारत आने का आह्वान कर दिया। इसमें मनीला के गदरियों ने शामिल होने का फैसला कर लिया। गुलाब कौर और उसके पति मान सिंह ने भी अपना नाम लिखवा दिया। पर जब समुंदरी जहाज बंदरगाह पर आया तो पति ने वापस न जाने का आदेश सुना दिया।
गुलाब कौर पति की घुड़की की जगह गदर पार्टी का आदेश मान कर देश वापसी का फैसला कर लिया और वह भारत आए गदरी सुरवीरों में आगे होकर भूमिका निभाने के योग साबित हुई। उन्हें जेल हुई। जेल में ही कैंसर जैसी भयानक रोग का शिकार हो गई। उसके कारण उनकी मौत हो गई।
यह नाटक उनके दृढ इरादे और उनके बेमिशाल हौसले को दिखा रहा था, जिन्होंने गुप्त रहकर संघर्ष की सरगर्मियाें में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और अंतिम सांस तक लड़ती रही। जब बीमारी उन्हें मौत की ओर ले जा रही थी उस समय भी उनकी इच्छा थी कि अगर तन बदन में हिम्मत होती तो उसने बब्बर अकालियाें की बगावत में शामिल होकर आजादी के लिए संघर्ष करना था।