हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचरों के मामले में हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग को एक बार फिर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की कड़ी फटकार झेलनी पड़ी। बुधवार को हाईकोर्ट के जस्टिस राजन गुप्ता ने 30 मार्च, 2011 को तिलकराज व अन्य केस में गेस्ट टीचरों के बारे में दिए गए फैसले पर पांच साल बाद भी अमल नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से कड़े सवाल किए।
हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई पर दिए गए अंतरिम आदेश की अनुपालना करते हुए शिक्षा विभाग के एसीएस पीके दास खुद हाईकोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि शिक्षा विभाग ने एक साल पहले ही नियमित टीचरों की भर्ती के लिए आग्रह-पत्र हरियाणा स्टॉफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) को भेज दिया था, लेकिन अभी तक आयोग ने नियमित भर्ती का काम पूरा नहीं किया है।
इस पर जस्टिस राजन गुप्ता ने कड़ा एतराज जताते हुए एचएसएससी के सचिव को अगली सुनवाई के दौरान 26 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए। इस बीच, कोर्ट में मौजूद याचिकाकर्ता के वकील जगबीर मलिक ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर हरियाणा सरकार गेस्ट टीचरों को ही नियमित करने का प्रयास कर रही है, इसीलिए हाईकोर्ट के आदेश की पालना में जानबूझकर देरी की जा रही है।
इस पर बेंच ने एसीएस पीके दास से पूछा कि आप ऐसा कैसे कर सकते हैं, जब हाईकोर्ट ने गेस्ट टीचरों को रेगुलर भर्ती के बाद हटाने के आदेश दिए हुए हैं? इस पर पीके दास ने कोर्ट में कहा कि शिक्षा विभाग की गेस्ट टीचरों को रेगुलर करने की कोई योजना नहीं है। हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश की पालना की जाएगी।
यह है मामला हाईकोर्ट ने 30 मार्च, 2011 को तिलकराज व अन्य की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हरियाणा सरकार को आदेश जारी किया था कि शिक्षा विभाग में जेबीटी, टीजीटी और पीजीटी के सभी रिक्त पदों पर गेस्ट टीचरों की जगह नियमित टीचरों की भर्ती की जाए।
इसके साथ हाईकोर्ट ने 31 मार्च, 2012 को सभी गेस्ट टीचरों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश भी जारी किए थे। उस समय हरियाणा सरकार व गेस्ट टीचर इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए तो 30 मार्च, 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक तो नहीं लगाई, लेकिन उन्हें थोड़ी राहत देते हुए नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए 322 दिन का समय तय कर दिया।
उस समय तक गेस्ट टीचरों को ही सेवा में बनाए रखने की अनुमति भी दी। वर्ष 2013 में 322 दिन की अवधि खत्म होने और 14216 पीजीटी पदों पर नियमित पीजीटी की भर्ती होने के बावजूद किसी गेस्ट टीचर को नहीं हटाए जाने के कारण हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई।