चंडीगढ़। सेक्टर-22 के कपड़ा व्यापारी छोटू-मोटू फर्म पर एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग की जीएसटी टीमों ने बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-22 स्थित फर्म पर दो दिन तक चली कार्रवाई में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। फर्म ने खुद को कंपोजिशन डीलर बताकर टैक्स में भारी हेराफेरी की।
सूत्रों के अनुसार फर्म के मालिक ने सालाना डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने के बावजूद खुद को कंपोजिशन स्कीम के तहत रजिस्टर करा रखा था। इस स्कीम का लाभ उन डीलरों को मिलता है जिनका सालाना टर्नओवर डेढ़ करोड़ से कम होता है और उन्हें कारोबार के आधार पर 1 से 2 प्रतिशत की दर से ही जीएसटी देना होता है। जीएसटी टीम को आशंका है कि फर्म इस स्कीम का दुरुपयोग कर काफी समय से टैक्स चोरी कर रही थी।
छापे के दौरान जीएसटी अधिकारियों ने फर्म के सेल्स, परचेज और स्टॉक से जुड़े सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों ने पाया कि आउटलेट में भारी मात्रा में ऐसा स्टॉक था जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं था। जब्त किए गए रिकॉर्ड और स्टॉक की वैल्यूएशन के बाद ही यह पता चल पाएगा कि फर्म का वास्तविक सालाना टर्नओवर कितना है और कुल कितनी टैक्स चोरी की गई है। अधिकारियों ने फर्म के मालिक को नोटिस भी जारी किया है।
टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों पर विभाग की नजर
जीएसटी विभाग टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों और कारोबारियों पर लगातार नजर रख रहा है। हाल ही में, जीएसटी टीमों ने सेक्टर-19 के पालिका बाजार में मैसर्स बिट्टू फैशनर्स और क्लासिक-44 आउटलेट समेत शहर के कई सैलून पर भी छापा मारा था। इन सभी मामलों में जांच जारी है।