देश का अब तक सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म माना जा रहा गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स जीएसटी हरियाणा में पास हो गया है। हरियाणा GST बिल को पास करने वाला आठवां राज्य बन गया है। इससे अब सीधे तौर पर आम लोगों को फायदा मिलने वाला है। हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र में जीएसटी बिल को पास कर दिया गया। एक दिन का यह विशेष सत्र जीएसटी बिल को मंजूरी देने के लिए बुलाया गया।
जीएसटी बिल पास करने वाला हरियाणा आठवां राज्य है। इस बीच विपक्ष ने सदन में एसवाइएल पर चर्चा कराए जाने की मांग की। स्पीकर द्वारा इसे स्वीकार न किए जाने पर कांग्रेस और इनेलो ने हंगामा किया। कांग्रेस के विधायकों ने सदन से वाकआउट किया।
हरियाणा विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र गुरुवार को दोपहर बाद शुरू हुआ। वित्तमंत्री एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने जीएसटी बिल पेश किया। इसे सदन में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसके बाद इस पर चर्चा शुरू हुई। इसके साथ ही जीएसटी के अब हरियाणा में लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा में जीएसटी 1 जुलाई से लागू होगा।
इस पर चर्चा हुई और सदस्यों ने इस पर अपने दृष्टिकोण रखे। सदस्यों ने इस पर वित्तमंत्री से सवाल पूछ कर स्पष्टीकरण भी मांगे। बाद में, कैप्टन अभिमन्यु ने चर्चा का जवाब दिया। उन्हाेंने कहा कि पूर्व की यूपीए सरकार ने भी जीएसटी को लागू करने के लिए बेहतर प्रयास किया। अब पीएम नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री अरुण जेटली के सार्थक प्रयासों से यह सफल हुआ है। विपक्ष के सवालों के जवाब में कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जीएसटी काउंसिल का गठन हो चुका है और इसकी 13 बैठकें हो चुकी हैं।
जानें आपके लिए क्या है जीएसटी के फायदे
जीएसटी
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जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। दरअसल इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।
जीएसटी को केंद्र और राज्यों में लगने वाले करीब 17 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स के बदले लाया जा रहा है। इसके लागू होने पर एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल एडिशनलड्यूटी ऑफ कस्टम, सेल्स टैक्स यानी वैट, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), मनोरंजन कर, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, लग्जरी टैक्स आदि समाप्त हो जाएंगे।
जीएसटी लागू हो जाने के बाद आसान टैक्स स्ट्रक्चर से टैक्स बेस बढ़ेगा, जिससे रेवेन्यु बढ़ेगा। साथ ही सरकार को रेवेन्यु कलेक्शन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।इससे टैक्सों का जाल कम हो जाएगा और रेट में भी कमी आएगी। इससे लोगों को बिजनेस करना आसान होगा, जिसका फायदा आम आदमी को होगा और चीजें सस्ती मिलने लगेंगी।