हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ओपी चौटाला शासनकाल की जीआरपी में 350 सिपाहियों की भर्ती रद्द नहीं करेगी। यह जानकारी सरकारी वकील ने भर्ती को चुनौती देती याचिका की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सारों की डिवीजन बेंच को दी।
सरकारी वकील ने बेंच से कहा कि चूंकि इस भर्ती का असल रिकार्ड सीबीआई के पास भी नहीं है, लिहाजा यह कैसे तय किया जाए कि कौन मेरिट में था और कौन नहीं।
यह भी कहा कि इन सिपाहियों के प्रशिक्षण पर बड़ा खर्च आया है और वैसे भी उन्हें नौकरी करते हुए लंबा समय बीत चुका है। हाईकोर्ट ने फिलहाल सीबीआई से ट्रायल कोर्ट में पेश किए गए दोष पत्र और अनुपूरक दोषपत्र की प्रति और इस मामले में दर्ज किए गए बयानों की प्रतियां तलब की हैं।
सुनवाई स्थगित कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगा था और मामले में इस वक्त सीबीआई जांच कर रही है।