स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। खास बात यह है कि पिछले करीब छह-सात पहले देश में दाखिल हुआ एच1एन1 वाइरस अब विदेश की बजाय हरियाणा के छोटे शहरों में अपने पांव पसार चुका है।
पिछले साल की तुलना में इस बार दिल्ली से सटे एनसीआर के शहरों में भी इसके मरीजों की संख्या पिछले साल की अपेक्षा कम हुई है।
हालांकि मौसम के करवट लेते ही हरियाणा में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। वीरवार तक स्वाइन फ्लू पीड़ितों की संख्या 24 तक पहुंच गई। जबकि इस वजह से अब तक सूबे में चार लोगों की जाने जा चुकी हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक इसके मरीज सिरसा, हिसार, अंबाला, जींद, यमुनानगर, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल सहित अन्य शहरों में मिले हैं। इनमें सर्वाधिक मरीज हिसार और सिरसा से छह-छह हैं। इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की इंचार्ज डॉ. अपराजिता सोंध के मुताबिक मूलत: स्वाइन फ्लू सीजनल इंफ्लूएंजा है, लेकिन इसकी गंभीरता के मुताबिक इसे तीन वर्ग ए, बी और सी में बांटा गया है।
अगर, किसी को भी जुकाम, खांसी के साथ बुखार हो तो इसे गंभीरता से लेते हुए डॉक्टरों से जरूर सलाह लेनी चाहिए। उनका कहना है कि हरियाणा में स्वाइन फ्लू के अधिकतर मरीज छोटे शहरों से आ रहे हैं।
अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि इसका वायरस अब सभी जगह पहुंच चुका है। ऐसे में बचाव के लिए और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले वर्ष स्वाइन फ्लू के 400 से अधिक मामले सामने आए थे, जिनमें 45 लोगों की मौत हुई थी।