होशियारपुर संसदीय क्षेत्र पंजाब के महत्वपूर्ण सीटों में से एक है। इसके अंतर्गत होशियारपुर, गुरदासपुर और कपूरथला जिले के क्षेत्र आते हैं। नौ विधानसभा वाले इस क्षेत्र में होशियारपुर, चब्बेवाल, शामचौरासी, उड़मुड़, दसूहा, मुकेरियां, फगवाड़ा, भुलत्थ और श्री हरगोबिंदवपुर विधानसभा हलका शामिल हैं।
वर्तमान में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री संतोष चौधरी यहां का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस बार यहां से मुख्य मुकाबला जालंधर के मौजूदा सांसद और कांग्रेस प्रत्याशी मोहिंदर सिंह केपी और भाजपा के विजय सांपला के बीच है।
दोनों एक दूसरे को बाहरी बताकर प्रचार कर रहे हैं। परंपरागत रूप से हिंदू बहुल क्षेत्र माना जाने वाली यह लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही। इस सीट पर अब तक 10 बार कांग्रेस जीत हासिल कर चुकी है।
मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच
इस बार मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की संभावना है जबकि बसपा भी अपनी असरदार उपस्थिति दर्ज कराएगी। जहां कांग्रेस ने जालंधर के सांसद महिंदर सिंह केपी को मैदान में उतारा है वहां भाजपा की ओर से जालंधर के ही रहने वाले विजय सांपला को टिकट दिया है।
इस बीच बसपा ने भगवान सिंह चौहान और आप ने यामिनी गोमर के तौर पर स्थानीय प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। कुछ समय पहले तक भयंकर गुटबाजी का शिकार कांग्रेस केपी के आने के बाद एकजुट दिखाई दे रही है लेकिन संतोष चौधरी का अभी तक केपी के समर्थन में नहीं उतरना उनके लिए खतरे के संकेत से कम नहीं।
वहीं सांपला के लिए भाजपा में व्याप्त गुटबाजी समस्या का है लेकिन राहत इस बात की है कि दोनों ही गुट अलग-अलग ही सही पर सांपला के लिए काम कर रहे हैं।
ये हैं भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी
मोहिंदर सिंह केपी - कांग्रेस प्रत्याशी
केपी 1985 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद 1992 और 2007 में फिर विधायक बने। 1992 से 1996 तक पंजाब के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री, फिर शिक्षा मंत्री और फिर ट्रांसपोर्ट मंत्री रहे। 2009 में जालंधर से सांसद चुने गए। संसद की एस्टीमेट्स कमेटी, शहरी विकास कमेटी तथा खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली संबंधी कमेटी के सदस्य रहे। केपी के लिए एकजुट कांग्रेस और चुनाव लड़ने का लंबा तजुर्बा जहां केपी की ताकत है वहीं संतोष चौधरी का टिकट कटने से नाराज होना उनके लिए मुश्किल का सबब हो सकता है।
विजय सांपला : भाजपा प्रत्याशी
जमीनी स्तर के कार्यकर्ता से सफर तय करके सांपला पार्टी के प्रदेश महासचिव और उपाध्यक्ष पद तक पहुंचे। सांपला 1999 में जालंधर कैंट के भाजपा मंडल महासचिव बने। 2002 में प्रदेश उपाध्यक्ष, 2003 में प्रदेश महामंत्री और 2007 में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। 2008 से 20013 तक पंजाबी खादी बोर्ड के चेयरमैन रहे। 2013 में पंजाब वन निगम को चैयरमैन बने। भाजपा में गुटबाजी और चुनाव लड़ने का तजुर्बा न होना सांपला की राह में मुश्किल पैदा करेगा तो पार्टी में गुटबाजी के बावजूद दोनों ही गुटों का अलग-अलग ही सही सांपला के लिए काम करना उनकी ताकत बनेगा।
होशियारपुर में हैं इतने वोटर
कुल वोटर : 1448099
महिला वोटर : 706840
पुरुष वोटर : 741259
मतदान केंद्र : 1494
होशियारपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत तीन जिले आते हैं
कुल विधानसभा : 9
ये दिग्गज इस क्षेत्र का कर चुके हैं प्रतिनिधित्व
बलदेव सिंह : देश के पहले रक्षा मंत्री
ज्ञानी जैल सिंह : भारत के पूर्व राष्ट्रपति
दरबार सिंह : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री
कांशीराम : बसपा के संस्थापक
जिले की प्रमुख समस्याएं
इस चुनाव सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र का विकास होगा। हिमाचल का पड़ोसी इलाका होने के कारण हिमाचल के लिए औद्योगिक पैकेज का सबसे ज्यादा नुकसान यहां की इंडस्ट्री को हुई है।