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Chandigarh News: सावन में कलाइयों में सज रहीं हरे रंग की कांच की चूड़ियां

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चंडीगढ़। सावन में हर तरफ हरियाली है। हरे रंग से मन को ऊर्जा और स्फूर्ति मिल रही है। ऐसे में युवतियाें में भी हरे रंग से विशेष लगाव नजर आने लगा है। मेहंदी, हरे परिधान और हरी चूड़ियों से शृंगार किया जा रहा है। सावन में हरे रंग की डिमांड को ध्यान में रखकर बाजार भी पूरी तरह तैयार है। अगर बात चूड़ियों की हो तो सेक्टर की दुकानों से लेकर पालिका मार्केट, सदर मार्केट, पटेल मार्केट, सेक्टर 17 समेत लगभग शहर के सभी मुख्य बाजारों में हरी चूड़ियाें से दुकान सज गई है। सेक्टर 19 पालिका मार्केट के चूड़ी विक्रेता संजय का कहना है कि सावन में कांच की प्लेन चूड़ियां महिलाओं की पहली पसंद होती हैं। इन्हें किसी भी तरह से सेट लगाकर पहना जा सकता है। वहीं सेक्टर 15 में खरीदारी करने आई सीमा और आशा सिंह का कहना है कि ऐसा माना जाता है कि कांच की चूड़ियां पहनने पर सकारात्मकता ऊर्जा मिलती है। यह भी कहा जाता है कि हरी चूड़ियां आसपास की किसी भी नकारात्मक ऊर्जा को भी शुद्ध करती हैं इसलिए वे हरी चूड़ियां खरीदने आई हैं।
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सावन में हर तरफ हरियाली
सावन में हरे रंग का गहरा संबंध होता है। इसका कारण यह है कि इस महीने वर्षा ऋतु रहती है। भीषण गर्मी के बाद जब बारिश होती है तो चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है और हरे रंग को प्रकृति का रंग माना जाता है। सावन में पूरे महीने महिलाएं भगवान शिव की पूजा करती हैं। इस दौरान वे हरे रंग की चूड़ी पहनकर पूजा करती हैं। हरे रंग को सुहाग का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि सावन में हरे रंग की चूड़ी पहनने से भगवान शिव और माता पार्वती प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं इसलिए सावन में हरे रंग का अधिक प्रयोग किया जाता है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है।
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हरी चूड़ियां सौभाग्य की द्योतक
हरी चूड़ियां सौभाग्य का प्रतीक मानी गई हैं। यह कहना है भृगु ज्योतिष केंद्र के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पं. बीरेन्द्र नारायण मिश्र का। उन्होंने बताया कि सावन की हरियाली विकास को दर्शाती है। ऐसा माना जाता है कि हरी चूड़ियां पहनकर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने पर अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। प्रभु प्रसन्न होकर मनोकामना पूरी करते हैं इसलिए सिर्फ सावन में ही हरी चूड़ियां पहनने का विधान है।
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