फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: ग्रीन कैटेगरी उद्योगों को अब मिलेगा जीरो-डे अप्रूवल, 15 दिन की प्रक्रिया खत्म

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और उद्योगों पर नियमों के बोझ को कम करने के लिए एक नई पहल की है। अब ग्रीन कैटेगरी उद्योगों के लिए कंसेंट टू एस्टैब्लिश (सीटीई) और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमेटेड हो गई है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन कंसेंट मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीएमएमएस) पोर्टल chocmms.in पर लागू की गई है। पहले ग्रीन कैटेगरी उद्योगों को कंसेंट मिलने में लगभग 15 दिन का समय लगता था। नई प्रणाली के लागू होने के बाद आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा होते ही उद्योगों को तुरंत प्रमाण पत्र मिल जाएगा। चंडीगढ़ में ग्रीन कैटेगरी उद्योग कुल औद्योगिक इकाइयों का लगभग 40 प्रतिशत हैं जिससे बड़ी संख्या में उद्यमियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

यह पहल शनिवार को उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष पेश की गई। सीपीसीसी के चेयरमैन ने कहा कि यह कदम सार्वजनिक सुविधा, पारदर्शिता और नियाम दक्षता की दिशा में बड़ा बदलाव है और राष्ट्रीय स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लक्ष्यों को मजबूत करेगा।

रेड, ऑरेंस और ग्रीन इंडस्ट्री के लिए ऑटो रिन्यूल की सुविधा पहले से
सीपीसीसी के मेंबर सेक्रेटरी ने बताया कि यह पहल उद्योगों के लिए नियमों का पालन करने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा। सभी श्रेणियों रेड, ऑरेंज और ग्रीन इंडस्ट्री के लिए कंसेंट टू ऑपरेट की ऑटो-रिन्यूअल सुविधा शामिल है जिससे मैनुअल हस्तक्षेप समाप्त हो गया है और नवीनीकरण की समय सीमा भी कम हुई है। इसके अलावा जो उद्योग जल और वायु प्रदूषण नहीं करते हैं उन्हें व्हाइट कैटेगरी में रखा गया है और उन्हें कंसेंट प्रक्रिया से मुक्त किया गया है। ऐसे उद्योगों के लिए स्व-प्रमाणन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। अब एक हजार केवीए तक के स्टैंडअलोन डीजी सेट को भी कंसेंट प्रक्रिया के दायरे से बाहर रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें