फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीयूः डीएसडब्ल्यू की तैनाती को लेकर एजेंडा न लाने पर गोयल ग्रुप खफा, बने घमासान के आसार

Mon, 25 May 2020 03:18 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी की सिंडिकेट की बैठक 30 मई को होने जा रही है, लेकिन जिस एजेंडे के लिए बैठक करने का दबाव बनाया जा रहा था वह गायब है। यह प्रस्ताव डीएसडब्ल्यू की तैनाती का है। एजेंडे में यह प्रस्ताव शामिल न होने के कारण गोयल ग्रुप खफा है, लेकिन उन्होंने भी साफ संकेत दे दिए हैं कि डीएसडब्ल्यू की तैनाती 30 मई को ही होगी।
विज्ञापन


वीसी प्रो. राजकुमार की ओर से जो नाम डीएसडब्ल्यू के लिए आएंगे उनमें से यदि सहमति नहीं बनती है तो किसी अन्य व्यक्ति को डीएसडब्ल्यू बनाया जा सकता है। इसके लिए जो बहुमत चाहिए वह गोयल ग्रुप के पास है। सूत्रों का कहना है कि गोयल ग्रुप के लिए यह पद पिछले साल से ही महत्वपूर्ण हो गया था। इस पद पर वह अपना चेहरा बैठाएंगे।

तैनाती को लेकर घमासान के आसार
सिंडिकेट की इस बैठक में डीएसडब्ल्यू की तैनाती को लेकर घमासान होगा। गोयल ग्रुप अपने पत्ते खोलने से पहले वीसी प्रो. राजकुमार से तीन चेहरों के नाम सामने लाने की मांग करेगा। यदि कोई एक चेहरा ऐसा हो जिसमें दोनों पक्ष राजी हों तो उसके नाम पर मुहर लग सकती है। अन्यथा दूसरा ही नाम डीएसडब्ल्यू के लिए आएगा। सिंडिकेट में गोयल ग्रुप का दबदबा है।
विज्ञापन


ऐसे में निर्णय वहीं होंगे जो बहुमत चाहेगा। सूत्रों का कहना है कि गोयल ग्रुप का चेहरा ही इस पद पर आएगा। वह इसलिए भी कि एजेंडे में डीएसडब्ल्यू की तैनाती को शामिल नहीं किया गया। इससे उनमें नाराजगी है। यह भी कहा जा रहा है कि बैठक से पहले यदि वीसी तीन नाम सामने लाते हैं तो पहले ही उस नाम पर सहमति बन सकती है और बैठक में सर्वसम्मति से वह नाम पास हो सकता है।
विज्ञापन

इन नामों पर बन सकती है सहमति

सूत्रों का कहना है कि वीसी की ओर से तीन नामों में प्रो. देविंदर सिंह, प्रो. हरीश कुमार, प्रो. अश्वनी कौल का नाम आ सकता है। इसमें प्रो. देविंदर के नाम पर गोयल ग्रुप राजी नहीं हो रहा है, क्योंकि उनका नाम इस पद के लिए पहले भी चला था लेकिन मंजूरी नहीं मिल पाई। प्रो. हरीश कुमार का तालमेल दोनों पक्षों की ओर से ठीक है।

साथ ही प्रो. अश्वनी कौल को चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर गोयल ग्रुप ने ही बनवाया था। इसलिए इनके नाम पर भी सहमति बन सकती है। एक नाम प्रो. जतिंदर ग्रोवर का भी है लेकिन वह वीसी की ओर से शायद नहीं आ रहा है। यदि यह नाम भी वीसी लेकर आएं तो गोयल ग्रुप राजी हो सकता है।

सिंडिकेट की होने वाली बैठक के एजेंडे में डीएसडब्ल्यू का प्रस्ताव लाया जाना चाहिए था, लेकिन यह एजेंडे में नहीं शामिल किया गया। यह प्रकरण बैठक में उठेगा। डीएसडब्ल्यू के लिए वीसी नाम सामने रखें, उसके बाद कुछ निर्णय होगा।
- प्रो. नवदीप गोयल, सिंडिकेट व सीनेट मेंबर

पहले डीएसडब्ल्यू के लिए नाम सामने आएं, उसके बाद ही कुछ आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यदि नियमों को दरकिनार करके किसी व्यक्ति को इस पद के लिए चुना जाता है तो उस प्रकरण को हम सीनेट में उठाएंगे।
- डॉ. सुभाष शर्मा, सीनेटर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें