चंडीगढ़। सेक्टर-28 साइड मध्यमार्ग पर 18 अगस्त को पाइप लाइन टूटने से धंसी सड़क अब तक बंद है जबकि नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक धंसे हिस्से में सीएंडडी प्लांट से रेता भरने का काम महज दो घंटे का है। ड्रेन की मरम्मत करीब एक सप्ताह पहले पूरी हो चुकी है लेकिन रेता नहीं भरने के कारण सड़क प्रशासन को हैंडओवर नहीं की जा सकी। अब निगम शनिवार तक भराई कराने की बात कह रहा है। इसके बाद प्रशासन रीकार्पेटिंग कराकर सड़क खोलेगा। लोगों का सवाल है...गवर्नर साहब, एक किमी दूर से रेत लाकर सड़क पर भराई नहीं करा पा रहे अधिकारी, इसलिए एक महीने से सड़क बंद है। एक महीने से रास्ता बंद होने के कारण पंचकूला और मनीमाजरा की ओर से शहर आने वाले लोगों को रोज करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। वैकल्पिक रास्तों पर जाम के कारण समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
70 इंच की आरसीसी पाइप डालकर ड्रेन की मरम्मत पूरी
मध्यमार्ग के नीचे टूटी ब्रिक स्टॉर्म वाटर ड्रेन की जगह नगर निगम ने 70 इंच की आरसीसी (रीइंफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) पाइप डाली। पाइप को ड्रेन से जोड़ने का काम करीब एक सप्ताह पहले पूरा हो गया था। इसके बाद सड़क के धंसे हिस्से में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (सीएंडडी) वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट से रेता डालकर भराई की जानी थी, लेकिन यह काम लंबित रहा। निगम अधिकारियों के अनुसार शनिवार तक रेता भर दिया जाएगा। दो घंटे में होने वाली इस भराई के बाद सड़क प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की सीपी डिवीजन नंबर-2 को हैंडओवर की जाएगी। इसके बाद प्रशासन टूटे हिस्से की रीकार्पेटिंग करवाकर इसे ट्रैफिक के लिए खोलेगा।
तीन चैंबर बनाए, लेंटर की मजबूती के लिए पानी भरा
ड्रेन की मरम्मत के बाद तीन चैंबर बनाए गए हैं। इनमें दो सेक्टर-28 की रोड बर्म के पास और एक सेंट्रल वर्ज के नजदीक है। चैंबरों के लेंटर को मजबूती देने के लिए करीब एक सप्ताह से पानी भरकर रखा गया है, ताकि वे सड़क पर चलने वाले भारी वाहनों का भार सह सकें। अधिकारियों के अनुसार चैंबर की स्थिति ऐसी है कि रीकार्पेटिंग के दौरान इससे कोई बड़ी अड़चन नहीं आएगी।
न टेंडर, न कोटेशन, जल्द काम के लिए ठेकेदार लगाया
सड़क जल्द खोलने के उद्देश्य से नगर निगम ने सड़क के नीचे टूटी ब्रिक स्टॉर्म वाटर ड्रेन की मरम्मत के लिए न टेंडर कराया और न कोटेशन वर्क। अपने स्तर पर ठेकेदार को काम दिया गया। ठेकेदार ने पाइप डालकर ड्रेन की मरम्मत तो कर दी, लेकिन इसके बाद धंसे हिस्से में रेता भरने का काम अटक गया। सीएंडडी प्लांट से रेता लाकर भराई कुछ घंटे में की जा सकती थी, लेकिन इसे करीब एक सप्ताह तक नहीं कराया गया।
नगर निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, पब्लिक हेल्थ, योगेश अग्रवाल ने बताया कि सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट से रेता उठाकर शनिवार तक धंसे हिस्से में भर दिया जाएगा। यह दो घंटे का काम है। इसके बाद सड़क प्रशासन की सीपी डिवीजन नंबर-2 को सौंप दी जाएगी और प्रशासन रीकार्पेटिंग करवाकर सड़क को जल्द ट्रैफिक के लिए खोल देगा।
सड़क क्यों बंद हुई थी
18 अगस्त को पाइप लाइन टूटी, सड़क धंसी तो वाहनों की आवाजाही रोकी
सेक्टर-28 साइड मध्यमार्ग के नीचे ब्रिक स्टॉर्म वाटर ड्रेन का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के साथ पाइप लाइन टूट गई थी। इससे सड़क का हिस्सा धंस गया और वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। निगम ने क्षतिग्रस्त ड्रेन की जगह 70 इंच की आरसीसी पाइप डालकर उसे ड्रेन से जोड़ा। इसके बाद तीन चैंबर बनाए गए। अब धंसे हिस्से में रेता भरने और प्रशासन की ओर से रीकार्पेटिंग का काम बाकी है।
सड़क बंद होने से लोगों पर असर
दो किमी अतिरिक्त चक्कर, जाम में फंसकर समय और ईंधन की बर्बादी
मध्यमार्ग बंद होने से पंचकूला और मनीमाजरा की तरफ से शहर आने वाले लोगों को रोज करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त घूमना पड़ रहा है। वैकल्पिक रास्तों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बन रही है। इससे दफ्तर और अन्य कामों पर पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त ईंधन खर्च भी उठाना पड़ रहा है। एक महीने से रास्ता बंद होने के कारण यह परेशानी लगातार बनी हुई है।