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योग को स्कूल और कॉलेज एजुकेशन का हिस्सा बनाने की वकालत

Sat, 11 Jun 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कप्तान सिंह सोलंकी, गवर्नर - फोटो : amar ujala
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सीआईआई में 3 दिवसीय सेमिनार में राज्यपाल ने योग को स्कूल और कॉलेज एजुकेशन का हिस्सा बनाने की वकालत की। चंडीगढ़ योग फेस्टिवल के अवसर पर यूटी प्रशासन की ओर से सीआईआईआई में आयोजित सेमिनार में पंजाब-हरियाणा के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि यह 21वीं सदी है और इसमें योग बहुत जरूरी है। खासकर इसे स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में अनिवार्य तौर पर शामिल किया जाना चाहिए। खासकर युवाओं को हेल्दी, फिट और लॉन्ग लाइफ के लिए इसे जरूर करना चाहिए।
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सीआईआई सेक्टर-31 में आयोजित सेमिनार में राज्यपाल ने कहा कि चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाला समारोह दिल्ली के जनपथ में होने वाले कार्यक्रम से कम नहीं होगा। पूरे शहर में एक लाख से अधिक लोग एक ही वक्त पर एक साथ योग करेंगे। शहर के लिए यह अच्छी बात है।

वहीं उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके लोगों के व्यवहार, बोलचाल और स्वस्थ जीवन पर निर्भर करता है। यही एकमात्र जरिया है, जिससे मानव मस्तिष्क, शरीर, आत्मा और मन को एकीकृत कर सकता है। इसलिए योग को अपनाया जाना चाहिए। वहीं राज्यपाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि ‘योग भारत की देन है, लेकिन विदेश में पहुंचकर यह योगा कैसे बन गया’।
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वहीं इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग ट्रेनर और एस-व्यास डिम्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. एचआर नागेंद्र ने योग पर विशेष लेक्चर दिया। उन्होंने कहा कि केवल भारत ने ही नहीं बल्कि पूरे विश्व ने योग को खुले दिल से अपनाया है। योग हमारी दिनचर्या से जुड़ी सभी बीमारियों से बचने में मददगार साबित होता है और यह पहले ही साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव बहुत ज्यादा है। साथ ही काम का बोझ इतना है कि लोग केवल 3 से 6 घंटे तक सो रहे हैं। अच्छी लाइफ के लिए एक दिन में कम से कम 9 घंटे की नींद जरूरी है। साथ ही योग करेंगे तो आप हेल्दी और तनाव रहित जिंदगी जी सकते हैं।

वहीं सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन डॉ. दिनेश दुआ ने कहा कि योग पूर्ण और स्वस्थ जीवन का सबसे आसान रास्ता है। इस मौके पर एडवाइजर परिमल राय, होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल, डीसी अजित बालाजी जोशी मौजूद रहे। 
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर यूटी अधिकारियों को संदेश

सीआईआई में 3 दिवसीय सेमिनार - फोटो : amar ujala
राम की अयोध्या जैसा ही बनाएं कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल सोलंकी ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर यूटी के एडवाइजर, होम सेक्रेटरी, डीसी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को बातों ही बातों में संदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि, शहर का स्मार्ट सिटी बनना अच्छी बात है, लेकिन स्मार्ट सिटी बनाते-बनाते इसे रावण की लंका मत बना देना। प्रयास यही करें कि इसे राम की अयोध्या जैसा ही बनाएं। 

बढ़ते तनाव के कारण घट रही औसत उम्र कार्यक्रम में शिरकत करने आए मुंबई यूनिवर्सिटी के वीसी संजय यशवंत देशमुख के अनुसार भारत में लोगों की औसत आयु करीब 67 वर्ष है, लेकिन मुंबई जैसे औद्योगिक नगरी में यह केवल 52 वर्ष रह गई है। नींद से जुड़ी बीमारियों के कारण लोग गहरी नींद नहीं ले पा रहे हैं। यह बात सामने आई है कि ज्यादातर लोग सुबह ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच हार्ट अटैक का शिकार होते हैं।

काम का दबाव इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि लोग ब्लड प्रेशर और डायबटीज जैसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। योग इस प्रकार की बीमारियों और समस्याओं से निजात पाने का सबसे सरल तरीका है। बिना किसी लागत के केवल योग के माध्यम से श्रमिकों की दक्षता में 30 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मुंबई यूनिवर्सिटी योग पर बीए और एमए कोर्स शुरू करने जा रही है। 
 
जीवन शैली का हिस्सा बने योग रामभाऊ हालगी प्रबोधिनी मुंबई के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रविंद्र साठे ने कहा कि लोगों के लिए योग मात्र एक जुनून नहीं, बल्कि इसे उनकी जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। ऐसा केवल तभी संभव हो सकता है जब वे जीवन में योग को अपनाने के लाभ को सही प्रकार से समझ लें।

इस प्रकार की अकेडमिक अप्रोच ही भारत की योग रूपी महान परंपरा का सभी को लाभ मिलना सुनिश्चित कर सकती है। साठे अब तक देश के कई मंत्रियों, एमपी, विधायकों आदि के पीए को योग और तनाव मुक्त होने की ट्रेनिंग दे चुके हैं। उनके अनुसार नेताओं से अधिक तनाव में उनके पीए रहते हैं। ऐसे में अगर वह खुद तनावमुक्त रहेंगे तो मंत्रियों को ही इसका फायदा होगा।
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