चंडीगढ़। चालीस लाख रुपये रिश्वत मामले में शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। व्यापारी संजय दहूजा की सरकारी गवाह बनने की अर्जी को सीबीआई की अदालत ने मंजूर कर लिया है। अब वह मामले में सरकारी गवाह बन गए हैं।
सीबीआई के सरकारी वकील केपी सिंह ने अदालत में बहस के दौरान कहा कि संजय को गवाह बनाए जाने से प्रॉसिक्यूशन का केस और मजबूत होगा। उन्हें मुख्य आरोपी पूर्व डीएसपी आरसी मीणा और व्यापारी अमन के खिलाफ केस साबित करने में मदद मिलेगी। व्यापारी संजय ने 29 फरवरी को अदालत में अपने सीआरपीसी की धारा 164 के बयान दर्ज करवाए थे। उन्होंने कहा था कि मांगी गई 40 लाख रुपये की रकम आरसी मीणा के लिए थी।
बता दें कि 13 अगस्त, 2015 को गुनीत कौर की शिकायत पर सीबीआई ने ईओडब्ल्यू में तैनात रहे डीएसपी रामचंद्र मीणा, सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र समेत रिश्वत मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप में बर्कले हुंडई के मालिक संजय दहूजा और सेक्टर-43 स्थित केएलजी होटल के संचालक अमन ग्रोवर को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपी सेक्टर-17 स्थित चावला पेट्रोल पंप के संचालक और उसके परिजनों को गिरफ्तार न करने के एवज में 95 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। सीबीआई ने चारों को 40 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
चावला पेट्रोल पंप के मालिक गुरकृपाल सिंह चावला, उनकी पत्नी जगजीत कौर और बेटे हरमीत के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने 24 दिसंबर, 2014 को सेक्टर-9 की दीपा दुग्गल की शिकायत पर 6.25 करोड़ रुपये की ठगी का केस दर्ज किया था।