पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जेल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के मामले में डीआईजी जेल एलएस जाखड़ व पूर्व जेल सुपरिंटेंडेंट सग्गू के खिलाफ पंजाब सरकार को 4 माह के भीतर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश फिरोजपुर जेल से बरामद नशे से भरे 120 कैप्सूल नष्ट करने के मामले में पीड़ित सहायक जेल अधीक्षक कर्मजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए हैं।
याचिकाकर्ता कर्मजीत सिंह भुल्लर ने हाईकोर्ट को बताया था कि 2009 में जब वह फिरोजपुर जेल में तैनात थे, उस समय जेल अधीक्षक सुखदेव सिंह सग्गू थे। करमजीत ने जेल में बंद कैदियों से हेरोइन भरे 120 कैप्सूल बरामद किए थे। लेकिन उन कैप्सूल को नष्ट कर दिया गया और कोई कार्रवाई नहीं की गई।
यचिका में कहा गया कि भुल्लर ने जेल में रहते हुए नशे को बढ़ावा दिया, जिसके कारण जेल में 23 मौत हुई। 2 की मौत जेल में ही हो गई थी, जबकि 21 मौत अस्पताल में पहुंचने पर हुई। उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान जेल में नशे को बढ़ावा दिया गया।
जांच में आरोपियों का दावा मिला गलत
करमजीत ने इस मामले में कार्रवाई के लिए वर्ष 2011 हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने इस पर जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान पाया गया कि तत्कालीन जेल अधीक्षक जाखड़ ने नशे की बरामदगी से जुड़े सभी दस्तावेज नष्ट कर दिए और कहा था कि 2009 में नशा पकड़ने से जुड़ी कोई घटना हुई ही नहीं थी। लेकिन जांच में उसका दावा गलत पाया गया और रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दी गई।
हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सौंपी एसएसपी को
हाईकोर्ट से आदेश प्राप्त होने के बाद याचिकाकर्ता ने शनिवार को ऐसे 13 मामलों की सूची तैयार की और हाईकोर्ट के आदेश की प्रति संलग्न कर इसे एसएसपी फिरोजपुर संदीप गोयल को सौंप दिया। याची ने एसएसपी से अपील की कि इस आदेश के अनुरूप दोषियों पर जल्द से जल्द और सख्त कार्रवाई की जाए।