जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष उठाया गया है मुद्दा, हाईकोर्ट के दखल की अपील
अभी तक उठाए गए कदमों का ब्योरा अगली सुनवाई पर दाखिल करने का आदेश
चंडीगढ़। यमुनानगर-करनाल मार्ग पर बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से होने वाले हादसों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही अभी तक उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट भी सरकार को सौंपनी होगी। करनाल निवासी सुखदेव सिंह ने एडवोकेट रंजन लखनपाल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को स्थिति से अवगत करवाया। हाईकोर्ट को बताया गया कि रेत और बजरी से भरे ओवरलोड वाहन बड़ी संख्या में करनाल-यमुनानगर रोड पर चलते हैं। ओवरलोड होने के कारण उनका नियंत्रण भी सही नहीं होता है जिसके कारण यहां बड़ी संख्या में हादसे होते हैं। इस मार्ग के निकट कई गांव और स्कूल भी हैं जहां रोड पार करना खतरे से खाली नहीं है। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि ओवरलोड वाहनों का चालान काट उन्हें छोड़ दिया जाता है इसी लिए ओवरलोड वाहनों की समस्या समाप्त नहीं हो रही है। हाईकोर्ट को बताया गया कि ओवरलोड वाहनों के 4251 चालान किए गए हैं और 13 करोड़ जुर्माना वसूला गया है बावजूद इसके ओवरलोडिंग चालू है। ऐसे में ओवरलोड वाहनों को जब्त करने के आदेश दिए जाने की हाईकोर्ट से अपील की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार को इस मामले में उठाए गए कदमों का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है।