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व्हाट्सऐप ग्रुप में मैसेज छोड़ा और दे दी जान, ऐसा सुसाइड नोट लिखा, पढ़कर परिजन पुलिस हैरान

Fri, 21 Dec 2018 10:30 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
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suicide
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व्हाट्सऐप ग्रुप में मैसेज छोड़ा और महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी। मरने से पहले उसने सुसाइड नोट में ऐसी बात लिखी, पढ़कर परिजन और पुलिस वाले चौंक गए। हर कोई हैरान है कि ऐसा कैसे हो सकता है या कोई ऐसे कैसे कर सकता है। मामला हरियाणा के पंचकूला जिले का है। मोक्ष प्राप्ति के लिए मोक्षदायनी एकादशी के दिन पहले सरकारी पद पर तैनात 47 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। महिला ने सुसाइड करने से पहले फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डाला कि वह बस एक काम करने के लिए दुनिया में आई थी और उसे अब यह जिंदगी नहीं जीनी है।
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महिला ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि वह मौत के लिए खुद जिम्मेदार है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कई एंगल पर जांच कर रही है। मृतक महिला की पहचान सिमी वर्मा निवासी सेक्टर-11 के रूप में हुई है। वह हरियाणा टूरिज्म डिपार्टमेंट में कार्यरत थी। 19 दिसंबर की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि सिमी ने अपने ही घर में फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली है। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सिमी अविवाहित थी और उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है।

परिजनों ने बताया कि 19 दिसंबर सुबह करीब 9 बजे सिमी ने फैमिली व्हाट्सऐप ग्रुप में मैसेज डाला कि वह आत्महत्या करने जा रही है। मैसेज पढ़ते ही सेक्टर-11 निवासी सिमी का जीजा घर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने देखा सिमी पंखे के सहारे झूल रही है। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस को मौके से एक पेज का सुसाइड नोट मिला। महिला ने सुसाइड नोट अंग्रेजी में लिखा है। सिमी ने लिखा है कि वह मौत के लिए खुद जिम्मेदार है और पुलिस से आग्रह है कि वह परिवार के किसी भी सदस्य को परेशान न करे।
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मृतका ने लिखा शव का पोस्टमार्टम न कराएं

सिमी ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि उसके शव का न पोस्टमार्टम करवाया जाए और न ही अस्पताल ले जाया जाए। क्योंकि शव को अस्पताल ले जाने से मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती है। सिमी ने यह भी लिखा है कि उसने नहा धोकर मोक्ष प्राप्ति के लिए नए कपड़े पहन लिए हैं। इसलिए उसके शव पर सिर्फ गंगाजल छिड़कने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया जाए। सिमी ने यह भी लिखा है कि उसने अपना मुंह भी कपड़े से बांध लिया है ताकि फंदा लगाने के बाद जीभ भी मुंह से बाहर न आए। इससे मोक्ष में बाधा आती है। उसने लिखा है कि वह माता-पिता की सेवा के लिए संसार में आई थी। माता-पिता की मौत के बाद ड्यूटी अब खत्म हो गई है।       

सुसाइड का केस भी न बनाया जाए      
सिमी ने यह भी लिखा कि पुलिस सुसाइड का केस भी न बनाए। अन्यथा मेरी सर्विस का पैसा परिवार को नहीं मिलेगा। सिमी ने लिखा कि उसकी मौत के बाद उसकी प्रॉपर्टी का वारिस उसकी भतीजी आराधना होगी। अंत में सिमी ने अपने शुभचिंतकों को अलविदा कहते हुए लिखा कि आप सब को अच्छी जिंदगी मुबारक और मुझे तो जिंदगी जीनी ही नहीं आती। सुसाइड नोट में लिखा है कि सुसाइड की योजना तो उसने जनवरी 2018 से ही बना ली थी। लेकिन तैयारी में देरी हो गई। घर की एक दीवार पर भी सिमी ने लिखा हुआ था कि वह अपनी मर्जी से सुसाइड कर रही है। 
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संस्कार के लिए छोड़ गई 40 हजार रुपये

जांच के दौरान पुलिस को महिला के पास से 40 हजार रुपये कैश मिले हैं। मृतका सिमी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि संस्कार करने के लिए परिजनों और रिश्तेदारों को अपने पैसे न लगाने पड़ें इसलिए वह यह कैश छोड़कर जा रही है। इस पैसे को केवल उसके संस्कार के लिए ही खर्च किया जाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिमी मकान में अकेले ही रहती थी।
     
शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया है और मौके से मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कंबोज, सेक्टर-5 थाना प्रभारी।
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