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सरकारी स्कूलों को शिक्षक कह रहे अलविदा

Thu, 13 Mar 2014 01:15 AM IST
सुमित सिंह श्यौराण /अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहर के सरकारी स्कूलों से शिक्षकों का मोह छूट रहा है। पिछले 3-4 महीनों में 250 से अधिक गेस्ट, कांट्रेक्ट और सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) शिक्षकों ने चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों को अलविदा कह दिया है।
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इन शिक्षकों का हरियाणा टीचर्स सिलेक्शन बोर्ड (एचटीएसबी) की ओर से रेगुलर भर्ती में चयन हो गया है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। विभाग द्वारा नई भर्ती को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

लोक सभा चुनाव की घोषणा के कारण अब विभाग में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया कई महीने लटक सकती है।

गौरतलब है कि चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों से 150 से अधिक शिक्षकों ने दिसंबर 2013 में नौकरी छोड़ी दी, जबकि सौ के करीब शिक्षकों ने मार्च 2014 में हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ज्वाइन किया। 31 मार्च तक स्कूलों में रिजल्ट तैयार करने में भी दिक्कत आनी तय है।
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रेगुलर किए जाने की फाइल अधर में
शिक्षा विभाग में कई वर्षों से काम कर रहे एसएसए के तहत 1200 से अधिक शिक्षकों को रेगुलर किए जाने की फाइल अधर में है।

शिक्षा विभाग में डीपीआई (स्कूल) का बार-बार तबादला होने ये भी भर्ती में देरी हो रही है। विभाग को केंद्र सरकार से शिक्षा विभाग में 3472 टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों को भरने की अनुमति नहीं मिल पाई है। सरकारी स्कूलों में पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन के करीब 550 शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है।   

चार महीने में करो भर्ती: हाई कोर्ट
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग को चार महीने के अंदर खाली पदों को भरने का आदेश दिया हुआ है।

लेकिन, अभी तक शिक्षा विभाग केंद्र सरकार से पदों की मंजूरी का पत्र जारी नहीं करा पाया है। उधर, स्कूलों से नौकरी छोड़ने वाले शिक्षकों की जगह नौकरी से निकाले गए करीब सौ गेस्ट टीचर्स को पीजीटी की जगह टीजीटी पदों पर वापस बुलाकर काम चलाने की कोशिश की जा रही है।

2485 शिक्षकों की जरूरत
शिक्षा विभाग की ओर से साल भर पहले सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में कुल 3472 पद स्वीकृत करने की मांग की गई थी।

इनमें से 2485 पद सिर्फ जेबीटी और टीजीटी के हैं। लेकिन, केंद्र सरकार ने विभाग के प्रस्ताव पर कुछ आपत्ति लगाकर फाइल वापस कर दी थी। जानकारी के अनुसार नॉन टीचिंग में डायरेक्ट्रेट स्तर पर 61, डीईओ (20) और स्कूलों में टीचिंग और नॉन टीचिंग के 3472 पद शामिल थे।
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