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छात्राओं का खुलासा- स्कूल में पढ़ाने के लिए नहीं, मोबाइल पर बतियाने आते हैं अध्यापक

Tue, 25 Dec 2018 02:15 PM IST
खुशबू गोयल महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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सरकारी स्कूलों में अध्यापक पढ़ाने के लिए नहीं बल्कि मोबाइल पर बतियाने के लिए आते हैं। यह खुलासा 'एक और सुधार' कार्यक्रम के तहत संवाद कार्यक्रम में हुआ। हरियाणा में 16 जिलों की 30 हजार में से लगभग तीन हजार छात्राओं ने अध्यापकों के लगातार मोबाइल पर बतियाने की शिकायत की है। कार्यक्रम के परियोजना निदेशक रॉकी मित्तल ने बताया कि सर्वे की पूरी रिपोर्ट तैयार कराई है, जिसे जल्द ही सीएम को सौंपा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि सीएम से अध्यापकों के स्कूल समय में मोबाइल पर बैन लगाने की मांग की जाएगी। निदेशक मित्तल ने बताया कि प्रदेशभर के विभिन्न स्कूलों में जाकर कार्यक्रम के तहत छात्राओं से सीधा संवाद किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की परेशानी हो तो वह खुलकर बता सकें। इसके लिए छात्राओं को जागरूक करने संबंधी वीडियो भी दिखाई जा रही हैं। कार्यक्रम का परिणाम यह रहा है कि अब उनके सामने ही छात्राएं खुलकर बोलने लगी हैं।

हरियाणा के 16 जिलों में संवाद कार्यक्रम के दौरान 30 हजार छात्राओं ने विभिन्न तरह की समस्याएं बताईं। भिवानी, रेवाड़ी, सोनीपत, कैथल समेत कई जिलों में संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बताया कि अध्यापक और अध्यापिकाएं पढ़ाने की बजाए अधिकतर समय मोबाइल पर बात करने में व्यस्त रहते हैं। यहीं नहीं यदि कोई मोबाइल पर बतियाने का विरोध करता है तो उसे धमका दिया जाता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ छात्राओं ने अध्यापकों पर बेरहमी से पीटने का आरोप भी लगाया है।
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छात्राओं द्वारा अध्यापकों के लगातार मोबाइल पर व्यस्त रहने की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। ऐसे अध्यापकों का पूरा ब्यौरा तैयार कराया गया है। जल्द रिपोर्ट सीएम को सौंपी जाएगी।
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- रॉकी मित्तल, परियोजना निदेशक, एक और सुधार कार्यक्रम
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