हरियाणा सरकार 189 पंजाबी शिक्षकों की भर्ती के लिए तैयार हो गई है। इससे पूर्व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मामले से संबंधित ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) की भर्ती प्रक्रिया शुरू न करने पर हाईकोर्ट की ओर से हरियाणा की प्रमुख शिक्षा सचिव केसनी आनंद अरोड़ा को नोटिस जारी किया गया था।
सरकार की ओर से अब बताया गया है कि टीजीटी पंजाबी के कुल 210 पद हैं, इनमें से 21 विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। शेष 189 शिक्षकों की भर्ती के लिए एचएसएससी को पत्र भेजा जा चुका है। हाईकोर्ट ने यह जवाब रिकार्ड पर लेते हुए सुनवाई एक मार्च तक स्थगित कर दी है।
हाईकोर्ट ने पिछले साल 14 सितंबर को प्रदेश में टीजीटी कैडर के सभी खाली पदों पर नियमित भर्ती करने का आदेश दिया था। आदेश में हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग को टीजीटी कैडर के पंजाबी, उर्दू, डीपीई सहित टीजीटी अंग्रेजी भाषा के शिक्षकों के सभी स्वीकृत खाली पद भरने को कहा गया था।
आदेश जारी हुए चार माह बीतने के बावजूद अभी तक शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी कारण कुछ अभ्यर्थियों ने एडवोकेट जगबीर मलिक के माध्यम से अब अवमानना याचिका दायर की थी।
जगबीर मलिक ने बहस करते हुए कहा था कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि टीजीटी कैडर में पंजाबी, अंग्रेजी, डीपीई के स्वीकृत पदों में से खाली बचे सभी पदों पर रेगुलर भर्ती की जाए। यह भी स्पष्ट किया था कि टीजीटी अंग्रेजी के कुल 5815 स्वीकृत पदों में से विज्ञापित 1034 पदों के अलावा शेष बचे रिक्त पदों पर भी नियमित भर्ती करे।
बेंच को बताया गया कि शिक्षा विभाग ने टीजीटी अंग्रेजी के 5815 स्वीकृत पदों में से केवल 1034 पदों पर ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की है।
हाईकोर्ट को बताया गया कि वर्ष 2011 में टीजीटी पंजाबी एचटेट पास कर चुके कई याचिकाकर्ताओं के प्रमाणपत्र की वैधता की अवधि इस वर्ष खत्म हो जाएगी और फरवरी तथा मार्च में उनकी उम्र भी 42 साल हो जाएगी। कहा कि ऐसी स्थिति में वह ओवरएज भी हो जाएंगे और भविष्य में आवेदन करने के योग्य ही नहीं रहेंगे।