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फायर ऑपरेटर्स के ‘भूतों’ को प्रमोट करने की हरियाणा सरकार ने की तैयारी, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Mon, 16 Sep 2019 09:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा विवेक शर्मा, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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हरियाणा सरकार ने विभागीय परीक्षा के माध्यम से फायर ऑपरेटर्स के भूतों को लीडिंग फायरमैन प्रमोट करने की तैयारी कर ली है। प्रदेश में एक भी फायर ऑपरेटर नहीं है फिर भी 144 ने प्रमोशन के लिए आयोजित परीक्षा पास कर ली है। मामला हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा तो हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

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अंबाला निवासी बचन सिंह ने एडवोकेट अभिषेक प्रेमी के माध्यम से याचिका दाखिल कर बताया कि हरियाणा के फायरमैन 1998 के नियमों के अनुसार कार्य करते थे। इस बीच हरियाणा सरकार ने हरियाणा फायर सर्विस एक्ट 2009 को नोटिफाई किया। इस एक्ट के बनने के बाद जून 2016 में हरियाणा फायर सर्विस रूल बनाए। 

इसके नियम के अनुसार लीडिंग फायरमैन के पद पर प्रमोशन के लिए फायर ऑपरेटर पद पर पांच वर्ष का अनुभव अनिवार्य किया गया। इससे पहले इस पद पर प्रमोशन के लिए फायरमैन के तौर पर दस वर्ष का अनुभव अनिवार्य था। याची ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा सरकार ने एक भी फायर ऑपरेटर की भर्ती नहीं की और प्रमोशन के लिए परीक्षा आयोजित की गई तो फायरेमैन परीक्षा में बैठे और 144 को चयनित भी कर लिया गया। 
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याची ने कहा कि फायरमैन को फायर ऑपरेटर के तौर पर री डैजिगनेट नहीं किया गया है और ऐसे में फायरमैन इस परीक्षा में बैठ ही नहीं सकते। साथ ही बताया कि फायरमैन और फायर ऑपरेटर पद के लिए योग्यता में भी फर्क है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि सर्विस नियमों को बदला जाए या फायर मैन को फायर ऑपरेटर री डेजिगनेट किया जाए। 

याची ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में कोई भी फायर मैन प्रमोट ही नहीं हो पाएगा। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

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