पंजाब पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट में पटवारी बनने के लिए अब अभ्यर्थियों का ग्रेजुएट होना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने पंजाब पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेट (सिंचाई ब्रांच) कनाल पटवारिज सर्विस क्लास-3 रूलस 1955 को खत्म करके पंजाब पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (सिंचाई ब्रांच) कनाल पटवारिज स्टेट सर्विस ग्रुप -सी रूलज 2016 को स्वीकृति दे दी है।
नए नियमों में पटवारियों के पदों की नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक से बढ़ाकर ग्रैजुएशन कर दी गई है। जानकारों का कहना है कि इससे पढ़े लिखे बेरोजगार युवकों को रोजगार के ज्यादा अवसर हासिल होंगे। बताया जाता है कि यह संशोधन पहले भी सरकार के पास भेजा गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से उसे मंजूरी नहीं मिल पाई थी। पिछले दिनों कैबिनेट की हुई मीटिंग में इस प्रस्ताव पर चर्चा करने के बाद मंत्री समूह ने इस पर मुहर लगा दी।
सरकार ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति एक्ट 2004 के संशोधन की स्वीकृति दे दी है, जिससे इस आयोग के गैर सरकारी सदस्यों की संख्या तीन से बढ़कर 10 हो गई है। यह फैसला अनुसूचित जाति से संबंधित लोगों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। नए नियमों के अनुसार सीनियर वाइस चेयरमैन व वाइस चेयरमैन गैरसरकारी सदस्यों में नियुक्त किए जा सकेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब की कुल आबादी 277.43 लाख में से अनुसूचित जातियों की संख्या 88.60 लाख है, जो कि कुल आबादी का 31.94 फीसदी बनता है। एससी-बीसी भलाई मंत्री गुलजार सिंह रणिके के अनुसार सरकार का मानना है कि इस समुदाय के उत्थान के लिए आयोग की संख्या बढ़ानी आवश्यक है, ताकि लोगों की समस्याएं उचित तरीके से हल की जा सके।