पंजाब सरकार ने एक तरफ कारोबारियों को ई-वे बिल में राहत दी है तो दूसरी तरफ टेक्सटाइल कारोबारियों को झटका दे दिया। सरकार ने गुरूवार को नोटिफिकेशन जारी किया। जिसके तहत राज्य के अंदर एक लाख रुपये तक का माल ले जाने पर ई-वे बिल जरूरी किया गया। पहले यह लिमिट पचास हजार थी। कारोबारियों की मांग थी कि इससे उन्हें काफी परेशानी होती है। महाराष्ट्र समेत कुछ राज्य पहले ही यह लिमिट बढ़ा चुके थे।
इसके अलावा सरकार ने कपड़े को जॉब वर्क के लिए राज्य के अंदर पचास किलोमीटर तक ले जाने पर भी ई-वे बिल से छूट देने का एलान किया। लेकिन इस नोटिफिकेशन में सिर्फ कपड़ा ही लिखा गया। इसके चलते कंबल, शॉल, दुपट्टा, होजरी, सूटिंग, निटवियर, रेडीमेड गारमेंट आदि इस राहत से बाहर हो गए।
इस नोटिफिकेशन से टेक्सटाइल कारोबारियों खासी निराशा है। उनका कहना है कि जानबूझ कर सरकार ने नोटिफिकेशन में सिर्फ कपड़ा शब्द लिखा। ताकि बड़ी इंडस्ट्री सारी बाहर हो जाए। व्यापारियों का कहना है कि इसका फायदा सिर्फ बड़ी इंडस्ट्री को ही होगा। छोटे कारोबारी, जिन्हें सारा काम खुद करना पड़ता है ई-वे बिल ही काटते रह जाएंगे।
सारे जॉब वर्क के लिए छूट की थी मांग
इंडस्ट्री ने सरकार से मांग की थी कि हर उद्योग के हर तरह के जॉब वर्क को ई-वे बिल से छूट दी जाए। उनकी दलील थी कि एक शॉल को ही छह बार जॉब वर्क के लिए परिसर से बाहर ले जाना पड़ता है। उसकी रंगाई, कढ़ाई, धुलाई, पैकिंग आदि होती है। इसी तरह होजरी इंडस्ट्री में जिप, बटन आदि लगवाने के लिए माल बाहर जाता है। हर बार उद्यमियों को ई-वे बिल बनाना पड़ता है। जो छोटे कारोबारियों के लिए बेहद मुश्किल है।
वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने 21 जून को मीटिंग में सारे जॉब वर्क से राहत देने का भरोसा दिया था। लेकिन ब्यूरोक्रेसी ने सिर्फ कपड़ा शब्द नोटिफिकेशन में लिख कर ज्यादातर इंडस्ट्री को बाहर कर दिया है। हमने मांग की है कि कपड़े की जगह टेक्सटाइल शब्द लिखा जाए।
- प्यारे लाल गर्ग, प्रधान, व्यापार मंडल पंजाब